
Baran : राजस्थान में बारां जिला मुख्यालय पर अपनी तरह का अनोखा विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। चरागाह भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग को लेकर पिछले 2 दिनों से धरने पर बैठे सहरोद गांव के किसानों ने जिला कलेक्टरी परिसर में दाल-बाटी बनाकर कलेक्ट्रेट के दरवाजे पर भोग लगाया और नमन किया। इतना ही नहीं, किसानों ने जिला कलेक्टर की सरकारी गाड़ी के समक्ष भी दाल-बाटी का भोग लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
बारां ग्राम पंचायत सहरोद क्षेत्र की चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर ग्रामीण बुधवार को दूसरे दिन भी कलक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे रहे। इस दौरान प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बुधवार शाम बारां कलेक्ट्रेट परिसर में दाल बाटी बनाई। उसके बाद गणेशजी को ओर परिसर में खड़ी जिला कलक्टर की कार को भोग लगाकर विरोध जताया।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत सहरोद क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ चरागाह भूमि है। इस भूमि के कुछ हिस्सों पर गांव के प्रभावशाली लोगों ने पिछले 20 से 25 वर्षों से कब्जा कर रखा है। इससे गांव के मवेशियों के सामने चारे की समस्या खड़ी हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने खेतों पर जाने के रास्तों पर भी कब्जा कर लिया है। इससे किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
धरने पर बैठे ग्रामीण सत्यप्रकाश नागर ने बताया कि इस मामले को लेकर एक सप्ताह पूर्व भी प्रशासन को प्रार्थना पत्र और ज्ञापन दिया गया था। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो अब अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। सुनवाई नहीं होने पर भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों के सहयोग से धरना स्थल पर ही खाना बना रहे है।
इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ग्रामीण ने जिला कलक्टर की कार को भोग लगाया तथा सिर झुकाकर ढोक भी लगाई। इस घटना के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहे है। किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक चरागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अभी तक जिला प्रशासन ने इस मुद्दे पर कोई एक्शन या आवासन नहीं दिया है।