शहर के सड़कों पर गड्ढों से नहीं मिल रही राहत, बरसात के बाद पेचवर्क नहीं होने से बढ़ी परेशानी
बारां. जरा, संभलकर चलिए...जनाब। यह बारां शहर की सड़कें हैं और इनदिनों इन पर दर्जनों दुपहिया वाहन सवार फिसलते रहते हैं। यह कोई चेतावनी नहीं, हकीकत है। शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर गड्ढ़ों ने वाहन चालकों को परेशानी में डाला हुआ है। लेकिन न तो जिम्मेदार महकमों के अधिकारी चेत रहे और न ही जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान दे रहे। शहर की चार प्रमुख सड़कें सार्वजनिक निर्माण विभाग व एक सड़क नगर परिषद के अधीन है।
कोटा रोड की हालत खस्ता
शहर से होकर गुजर रहे सिटी फोरलेन (केन्द्रीय विद्यालय से फतेहपुर रोड तक) की हालत सर्वाधिक खराब है। लगभग १५ किमी लम्बाई में यह मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। इस रोड पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर गिट्टियां निकल आई हैं। झालावाड़ व अटरू रोड भी कई स्थानों से उखड़ गया है। बारिश ने मांगरोल रोड की दशा भी खराब कर दी है। यह मार्ग सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीन है। अस्पताल रोड पर कृषि उपज मंडी के समीप की सड़क भी टूट गई है। यह नगर परिषद के अधीन है।
शहर में आएदिन हो रहे हादसे
कोटा रोड पर रेलवे ब्रिज के निकट विवेकानंद सर्किल के आसपास डामर का नाम निशान तक नजर नहीं आता। शहर का सबसे व्यस्तम तथा कृषि उपज मंडी को जोडऩे वाले इस रोड पर पारपहिया वाहन चालकों को वान नियन्त्रित करने के लिए जूझना पड़ता है। सभी प्रमुख मार्गों पर आएदिन हादसों में दुपहिया चालक फिसल कर चोटिल हो रहे हैं। इसके बावजूद सड़कों पर गड्ढों को नहीं पाटा जा रहा।
-आमतौर पर मानसून के निष्क्रिय होने के बाद ही सड़कों की मरम्मत (पेचवर्क) किया जाता है। जिले में अभी मानसून सक्रिय है। मौसम विभाग के मानसून की विदाई की घोषणा के बाद ही पेचवर्क शुरू कराया जा सकेगा।
डीके विश्वकर्मा, अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग