
टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन की योजना को भी समय रहते असफल कर दिया, सीएम के पहुंचने से पहले लहराए काले झंडे
बारां. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष सतर्कता बरती गई। पुलिस ने कांग्रेस की ओर से काले झंडे दिखाने के कार्यक्रम तथा सेवानिवृत्त फौजी की ओर से जमीन आवंटन के मामले में टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन की योजना को भी समय रहते असफल कर दिया। मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व इस तरह की संभावित विरोध प्रदर्शन की स्थिति समाप्त होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
चल रही थी सुगबुगाहट
जिल में किसानों की मृत्यु व किसानों की समस्याओं को लेकर विवेकाननन्द पार्क में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से बैठक कर रणनीति तय की जा रही थी। बैठक में काले झंडे का निर्णय किया गया। बैठक के बाद कार्यकर्ता नारेबाजी के साथ काले झंडे लहराते हुए बाहर निकले तो पुलिस ने उन्हें घेर लिया तथा गिरफ्तार करते हुए तत्काल बस में बैठाकर रवाना कर दिया। वहीं सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद लम्बे समय से जमीन आवंटन की मांग कर रहे फौजी लक्ष्मण सिंह की ओर से भी टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन करने की योजना थी। इस तरह की सुगबुगाहट के बाद फौजी से बात की गई।
ऐसे बनाई व्यवस्था
इसी तरह कानून एवं शांति व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस लाइन स्थित हैलीपेड से मेलखेड़ी रोड स्थित कार्यक्रम स्थल तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया। कई जगह महिला पुलिस जवान भी तैनात किए गए। पुलिस ने बताया कि करीब चार दर्जन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें शहर से दूर झालावाड़ रोड पर ले जाकर छोड़ा गया। सेवानिवृत्त फौजी से चर्चा करने पर उसने मुख्यमंत्री को समस्या अवगत कराने की मांग की। इसके बाद उसकी मुख्यमंत्री से मिलाने की व्यवस्था की गई। बाद में उन्हें शहर से दूर झालावाड़ रोड पर ले जाकर छोड़ा गया। सेवानिवृत्त फौजी से चर्चा करने पर उसने मुख्यमंत्री को समस्या अवगत कराने की मांग की। इसके बाद उसकी मुख्यमंत्री से मिलाने की व्यवस्था की गई।