चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत अब मरीजों का निशुल्क इलाज करने वाले सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को बीमारी से सम्बंधित इलाज करने वाले चिकित्सक के साथ मरीज की फोटो सॉफ्टवेयर में अपलोड करना होगा।
बारां. चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत अब मरीजों का निशुल्क इलाज करने वाले सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को बीमारी से सम्बंधित इलाज करने वाले चिकित्सक के साथ मरीज की फोटो सॉफ्टवेयर में अपलोड करना होगा। मरीज का अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान किसी भी समय का फोटो लेना होगा। सरकार की ओर से योजना शुरू होने के बाद से कई तरह के सुधार और बदलाव किए गए हैं। इसी क्रम में प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से करीब एक माह पहले सॉफ्टवेयर में बदलाव किया गया था। अब कुछ दिनों पहले योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करने को लेकर इलाज करने वाले चिकित्सक के साथ भर्ती मरीज का फोटो लेने का प्रावधान किया गया है।
योजना के सॉफ्टवेयर में बनाया नया टैब
नए प्रावधान के अनुसार प्रत्येक टीआईडी सबमिट करने से पूर्व लाभार्थी मरीज के साथ चिकित्सक की एक फोटो मरीज के भर्ती होने के दिन से डिस्चार्ज होने की तारीख के मध्य अस्पताल की ओर से अपलोड की जाएगी। फोटो इलाज की अवधि के दौरान कभी भी ली जा सकती है तथा फोटो में मरीज व चिकित्सक की पहचान यथासंभव स्पष्ट प्रदर्शित होनी चाहिए। फोटो अपलोड करने के लिए सॉफ्टवेयर में द्मडॉक्टर-पैंशेन्ट फोटोद्य का नया टैब बनाया गया है। इस टैब में ही फोटो अपलोड की जाएगी। मरीज के रैफर और मृत्यु की स्थिति में फोटो अपलोड करना अनिवार्य नहीं होगा। यह आदेश सभी निजी अस्पतालों, सरकारी सीएचसी, उप जिला अस्पतालों पर डे-केयर पैकेज एवं इमरजेंसी रूम पैकेज के अलावा सभी पैकेजेस पर लागू होगा।
यह भी पढ़ें : नए परिसीमन के बाद नहीं जीत सकी कांग्रेस, दो बार बीजेपी जीती, अभी आरएलपी का कब्जा
इस स्थिति में किया जा सकता है दावा निरस्त
राजस्थान स्टेट हैल्थ एश्योरेंस एजेंसी की ओर से इन प्रावधानों को 12 अक्टूबर व उसके बाद की गई टीआईडी जैनरेशन पर प्रभावी किया गया है। इसके अनुसार सॉफ्टवेयर में द्मडॉक्टर-पैंशेन्ट फोटोद्य अपलोड नहीं करने की स्थिति में किए गए उपचार का पैकेज निरस्त हो सकता है। हालांकि लोगों को योजना के प्रावधानों के तहत शत-प्रतिशत इलाज सुनिश्चित करने के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में मार्गदर्शक नियुक्त किए हुए है। स्वास्थ्य विभाग के सम्बंधित चिकित्सा अधिकारी भी मार्गदर्शकों की बैठक लेकर उन्हें जानकारी दे रहे हैं। अस्पतालों में निरीक्षण कर अवगत भी कराया जा रहा है।
यह भी पढ़ें : आचार संहिता के कारण ये 2 बड़ी भर्ती परीक्षाएं स्थगित, 4 हजार से ज्यादा पदों पर अटकी भर्तियां
चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए सॉफ्टवेयर में द्मडॉक्टर-पेशेंट फोटोद्य अपलोड करने का प्रावधान किया गया है। इसे लेकर मार्ग दर्शकों को प्रशिक्षण दिया गया है।
डॉ. राजेन्द्र कुमार मीणा, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी