
बंदर और मदारी का खेल तो आपने देखा ही होगा। नहीं देखा हो तो बारां शहर में आ जाइये। यहां शहर की सरकार अर्थात नगर परिषद खुद कुछ ऐसा ही कर रही है। यहां जब जब अतिक्रमण हटाया जाता है अतिक्रमी फिर वहां आ जमते हैं। आए दिन दोनों बंदर मदारी की माफिक खेल करते हैं। बारां. सड़क को चौड़ा करने व व्यवस्था बनाने को लेकर नगर परिषद के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने अस्पताल के बाहर से अतिक्रमण हटाना तो शुरू कर दिया लेकिन बारिश तेज होने से कार्रवाई बीच में ही छोडऩी पड़ी। उधर दस्ते के जाते ही कुछ अतिक्रमियों ने पुन: अपनी-अपनी जगह पर कब्जा कर लिया। राजकीय अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर जिले भर से लोग इलाज कराने आते हैं। अस्पताल के बाहर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। कई लोग ठेले पर फल, चाय, नाश्ता सहित अन्य सामान बेचते हैं। कइयों ने गुमटियां व बॉडियां लगा रखी हैं। इससे अस्पताल के बाहर अव्यवस्था फैली रहती हैं। सड़क की चौड़ाई कम होने से कई बार जाम जैसी स्थिति बनती है। उधर अस्पताल का समय-समय पर जनप्रतिनिधि व अधिकारी निरीक्षण भी करते हैं। उन्होंने भी अतिक्रमण पर कई बार नाराजगी जताई है। जिला कलक्टर डॉ. एसपी सिंह ने भी अस्पताल का निरीक्षण किया था। ऐसे में व्यवस्थाएं बनाने के लिए दोपहर को नगर परिषद के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। दस्ता दोपहर 12 बजे राजस्व निरीक्षक महावीर मीणा के नेतृत्व में अस्पताल के बाहर पहुंचा।
दस्ते ने एक नहीं सुनी
इस दौरान हल्की-हल्की बारिश पड़ रही थी। दस्ते ने मैने गेट के एक तरफ खड़े ठेले वालों को हटा दिया। जेसीबी की सहायता से कई गुुमटियों व बॉडियों को हटवा दिया। कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध भी किया लेकिन दस्ते ने एक नहीं सुनी। अपनी कार्रवाई जारी रखी। इसके बाद दस्ता आगे बढ़ गया। यहां पर कुछ फलों व सब्जियों के ठेलों को हटवा दिया। इस बीच बारिश तेज हो गई। ऐेसे में कार्रवाई बीच में रोकनी पड़ी।
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थे अवैध नल व बिजली कनेक्शन
अतिक्रमियों ने लम्बे समय से कब्जा कर रखा है। उन्होंने अवैध नल व बिजली कनेक्शन भी ले रखे हैं। दस्ते ने कार्रवाई के दौरान भी कनेक्शनों को जेसीबी की सहायता से हटा दिया। वहां की जमीन भी समतल कर दी।