बारां

कलक्टर ने हथकड़ी नहीं भेजी, हथकड़ी ले आओ, ओर ले जाओ क्यों कह रही है यह प्रिंसिपल ऐसा..जानिए

शाम को सदर थाने के सीआई आशीष भार्गव मौके पर पहुंचे तथा आधा घंटे समझाइश के बाद शाम सात बजे वह आवासीय विद्यालय छोडऩे को राजी हुई
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Updated: 8 Dec 2017, 6:13 PM IST
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बारां. निकटवर्ती बामनहेड़ा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका एवं एसएमसी सचिव हेमलता सचिव एपीओ करने के बावजूद गुरुवार को वहां से बाहर नहीं निकली। सोनी का कहना था कि वह कलक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशों की परवाह नहीं करती है। वह पद नहीं छोड़ेगी। महिला पुलिस को भी उन्होंने काफी सुनाई। उन्होंने कहा कि कलक्टर के आदेश है तो उन्होंने हथकड़ी नहीं भेजी। हथकड़ी ले आओ, ओर ले जाओ। इस दौरान एडीपीसी भी एहतियात के तौर पर दिन भर वहां मौजूद रहे। वे समझाइश भी करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। सोनी ने कहा नहीं मिला आदेश, कलक्टर आ जाएंगे चार्ज लेने। ऐसे में महिला कांस्टेबल को साथ लेकर वहां पहुंचे अधिकारी भी सकते में आ गए। शाम को सदर थाने के सीआई आशीष भार्गव मौके पर पहुंचे तथा आधा घंटे समझाइश के बाद शाम सात बजे वह आवासीय विद्यालय छोडऩे को राजी हुई तथा सवा सात बजे एडीपीसी राजावत के साथ उन्हें रवाना किया गया।

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ऐसे चला घटनाक्रम
एपीओ के आदेशों के बाद भी प्रधानाध्यापिका हेमलता सोनी ने पहले तो चार्ज सौंपने में आनाकानी की। बाद में विद्यालय छात्रावास से कक्ष खाली करने से मना कर दिया तो अधिकारियों में हड़कम्प मच गया, मौके पर पुलिस बुलाई गई। दोपहर से शाम तक महिला पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी तो लिखित रिपोर्ट दी गई। इस तरह सुबह से शाम तक विद्यालय में हंगामाई माहौल रहा। शाम को सदर थाने के सीआई आशीष भार्गव मौके पर पहुंचे, इसके बाद मामला शांत हुआ।

यूं लग रही थी अधिकारियों को चिंता
सदर थाना प्रभारी भार्गव ने बताया कि एडीपीसी राजावत की ओर से दी गई रिपोर्ट में कहा गया कि एपीओ सचिव के नहीं जाने से छात्रावास की बालिका डरी सहमी हुई है। उनका रात में यहां रहना उचित नहीं होगा। वह बालिकाओं व महिला स्टाफ के साथ कुछ भी कर सकती है। सीआई की समझाइश के बाद शाम करीब सात बजे वह राजी हुई तथा खुद के सामान समेटना शुरू किया। सवा सात बजे उन्हें एडीपीसी जीप में बैठाकर बारां के लिए रवाना हुए।

सदर थाना पुलिस से सहयोग मांगा

इस पर एपीओ की गई सोनी को छात्रावास कक्ष खाली करने को लेकर समझाने के लिए लिखित रूप से सदर थाना पुलिस से सहयोग मांगा गया। इस पर मौके पर पहुंची दो महिला कांस्टेबलों ने दोपहर से शाम तक समझाइश का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी तो एडीपीसी ने दुबारा रिपोर्ट देकर पुलिस से मदद मांगी। इस पर सदर थाना प्रभारी आशीष भार्गव मय जाप्ते के मौके पर पहुंचे तथा समझाइश कर मामला शांत किया। उल्लेखनीय है कि इस आवासीय विद्यालय में पिछले कई दिनों से अव्यवस्थाएं हो रही थी।

जाने से मना कर दिया था

सर्व शिक्षा अभियान के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (एडीपीसी) भवानी सिंह राजावत ने बताया कि बुधवार को जिला कलक्टर के आदेशों पर प्रधानाध्यापिका सोनी को यहां से एपीओ कर उनका मुख्यालय राजस्थान प्रारम्भिक शिक्षा परिषद, जयपुर किया गया था। उनके स्थान पर विद्यालय की वरिष्ठ अध्यापिका कृष्णा नागर को कार्यवाहक नियुक्त किया था। इसके तहत चार्ज बदलवाने व सोनी के कार्य मुक्ति आदेशों के साथ वे गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे विद्यालय पहुंचे। प्रयास कर नागर को कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया की गई। इसके बाद एपीओ प्रधानाध्यापिका सोनी ने विद्यालय छात्रावास से जाने से मना कर दिया था।

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