पदमपुरा गांव का मामला : कोटा में डॉक्टरों ने शनिवार दिन में कर दिया था मृत घोषित, रात को डॉक्टरों ने की दुबारा मृत होने की पुष्टि
किशनगंज. पदमपुरा में शनिवार को अजीब मामला सामने आया। पदमपुरा निवासी विनोद मेहता (२८) को कोटा मेडिकल कॉलेज में बीमार होने के बाद भर्ती करवाया गया था। शनिवार को मेडिकल कॉलेज से युवक को दोपहर 1.45 बजे मृत घोषित कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव को लेकर एंबुलेंस से गांव रामपुरा पहुंचे। यहां अंतिम संस्कार से पहले ही परिजनों ने संदेह जताया कि युवक की सांसें चल रही हैं। युवक के भाई राकेश मेहता ने बताया कि इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को रोक दिया गया। रात को रेलावन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से 2 चिकित्सकों के साथ मेडिकल टीम को रवाना किया गया। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी किशनगंज डॉ. निशांत सैनी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद रात १० बजे टीम पदमपुरा पहुंची और फिर से जांच की। इसके बाद डॉक्टरों ने विनोद को मृत घोषित कर दिया।
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इससे पहले परिजनों ने अस्पताल से लाए गए शव का अंतिम संस्कार नहीं किया था। वे उसके जिंदा होने का संदेह जताते रहे। सांस चलने की बात कहते रहे। तब तक चिकित्सा विभाग को मामले की कोई सूचना नहीं दी गई थी। परिजन राकेश ने बताया कि कोटा अस्पताल में भर्ती विनोद ने उनसे कहा था कि उसे गांव में माताजी के मंदिर पर ले चलो। वो वहीं ठीक हो जाएगा।