
बारां. अब मयखाने पर जाना और तेज वाहन चलाना एक और मुसीबत ला सकता है। दरअसल हाईकोर्ट की फटकार के बाद अब परिवहन विभाग ने ऐसे लोगों के लाइसेंस निलंबित करना शुरू कर दिया है। लाइसेंस निलंबित करने का नियम तो पुराना है लेकिन विभाग ने कार्रवाई पांच माह पहले ही शुरू की है, जबकि इससे पहले किसी का भी लाइसेंस निलंबित नहीं किया जाता था।
ओवर लोड वाहन चलाने, हेलमेट नहीं लगाने, शराब पीकर वाहन चलाने व बिना सीट बेल्ट लगाकर वाहन चलाने वालों का लाइसेंस निलंबित करने का नियम है। पूर्व में यातायात नियम तोड़कर वाहन चालक पकड़ा जाता था तो उसका केवल चालान बनाया जाता है। अब हाईकोर्ट ने लाइसेंस निलंबित करने के मामले में सख्ती बरतना शुरू कर दी है। यही नहीं हाईकोर्ट को प्रतिमाह रिपोर्ट भी भेजनी पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने मई से लाइसेंस निलंबित करना शुरू कर दिए हैें। विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम 1989 की धारा 19 के तहत मई से सितंबर तक 32 लाइसेंस निलंबित किए हैं। इसमें शराब पीकर वाहन चलाना, व ओवर लोड वाहनों के मामले हैं।
अनुशंसा करके भेजी
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उक्त अवधि में अन्य राज्यों के वाहनों को भी नियम तोडऩे पर पकड़ा है। विभाग ने चालान तो बना दिए लेकिन लाइसेंस निलंबित करने के लिए संबंधित प्रदेश में जिला परिवहन अधिकारी को अनुशंसा भेजी है। इसमें ज्यादातर अनुशंसा मध्यप्रदेश की है।
12 के लाइसेंस निलंबित
पुलिस विभाग ने 12 चालकों को अलग-अलग स्थानो ंपर शराब पीकर वाहन चलाते पकड़ा था। चालान बनाने के बाद रिपोर्ट जिला परिवहन विभाग में भेजी थी। जिला परिवहन अधिकारी ने उक्त लोगों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
केस नं. 1
भीलवाड़ा निवासी देवीसिंह गहलोत को 26 जुलाई 2017 को ओवर लोड ट्रक चलाते पकड़ा था। चालक का लाइसेंस निलंबित करने के लिए भीलवाड़ा जिला परिवहन अधिकारी को लिखा है।
केस नं. 2
बारां लंका कॉलोनी निवासी कुलवीरसिंह को 23 जुलाई को शराब पीकर दुपहिया वाहन चलाते पुलिस ने पकड़ा था। लाइसेंस जप्त कर जिला परिवहन अधिकारी को भेज दिया। डीटीओ ने लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
केस नं. 3
छबड़ा निवासी अमित सोनी को 21 जुलाई को शराब पीकर वाहन चलाते पकड़ा था। उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
वर्जन
परिवहन विभाग के निरीक्षक व पुलिस चालान बनाकर लाइसेंस निलंबित करने के लिए लिखकर देते हैं। इसी आधार पर लाइसेंस निलंबित होते हैं। लाइसेंस निलंबन के लिए पूर्व में लिखकर नहीं दिया गया था। अत: कार्रवाई नहीं हो पाई।
दिनेश सिंह सागर, जिला परिवहन अधिकारी, बारां