बारां

डेढ़ गुना हुई बिजली की मांग, निगम का भगवान भरोसे काम

शहर में लगभग 42 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंच जाने से पंखे कूलर व एसी गर्मी से बचाव के लिए जरूरी हैं। अचानक ठप होने वाली विद्युत आपूर्ति से लोग पसीना-पसीना होने लगे हैं।

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Apr 14, 2022
डेढ़ गुना हुई बिजली की मांग, निगम का भगवान भरोसे काम


बारां. गर्मी के दिनोदिन तीख हो रहे तेवर के साथ बिजली के झटके भी अब लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। एक बार बिजली गुल होने के बाद कब सुचरू होगी, कहा नहीं जा सकता। दूसरी ओर मरम्मत के नाम पर सुबह से देर रात कई बार रोकी जानी वाली विद्युत आपूर्ति लोगों को बेहाल कर रही है। शहर में लगभग 42 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंच जाने से पंखे कूलर व एसी गर्मी से बचाव के लिए जरूरी हैं। अचानक ठप होने वाली विद्युत आपूर्ति से लोग पसीना-पसीना होने लगे हैं। दूसरी ओर विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी में बिजली की मांग बढ़ जाने तथा कई बार तेज हवा चलने से विद्युत आपूर्ति में व्यवधान आ रहा है।
अब डेढ़ी हो गई बिजली की खपत
निगम सूत्रों ने बताया कि 15 मार्च तक बारां शहर में प्रतिदिन लगभग एक लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही थी, जो अब बढ़कर डेढ़ लाख यूनिट तक हो गई है। जबकि बिजली आपूर्ति तंत्र का विस्तार नहीं हुआ। इससे थोड़ी तेज हवा चलने पर कई फीडरों से विद्युत आपूर्ति बंद कर दी जाती है। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति घंटों तक बाधित रहने से लोग बेहाल हो जाते हैं।

ऐसे समझे शहर की बिजली आपूर्ति का गणित
-शहर में रोजना की बिजली खपत-लगभग 1.50 लाख यूनिट
-शहर मे घर-धर बिजली पहुंचाने के लिए लगभग 250 ट्रांसफार्मर
-शहर में बिजली आपूर्ति के लिए 33 केवी के चार विद्युत ग्रिड स्टेशन
-शहर में आपूर्ति के लिए प्रसारण निगम के 132 व 220 केवी के दो ग्रिड स्टेशन
-शहर के रीको औद्योगित क्षेत्र में 220 केवी ग्रिड स्टेशन से होती है सीधी आपूर्ति
-शहर में लगभग 22 हजार विद्युत अपभोक्ता, सैकड़ों उपभोक्ता कर रहे चोरी
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बिजली आपूर्ति में व्यवधान के हैं कई कारण
विद्युत वितरण निगम के सहायक अभियंता पंकज श्रीवास्तव ने सीधी बातचीत में बताया कि शहर में विद्युत आपूर्ति में व्यवधान के कई कारण है।
-शहर में नियमित उपभोक्ताओं के अलावा हजारों ऐसे उपभोक्ता हंै, जो लाइनों में आंकड़े डाल लोड बढ़ा रहे है
-समान्यतया सभी जिलों में बिजली की मांग बढ़ जाती है, इससे लाइनों पर दबाव के साथ आपूर्ति लडखड़़ा जाती है
-कई क्षेत्रों में आपूर्ति लाइनें थोड़ी हवा चलने से ही फाल्ट हो जाती है, जिन्हें दुरुस्त करने में समय लगता है
-फरवरी व मार्च माह में वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व बकाया वसूली पर फोकस करने से मरम्मत में व्यवधान
-अब शहर में तेजी से एयर कंडीशनर व कूलरों का उपयोग बढऩे से बिजली की खपत अधिक बढ़ गई है

Published on:
14 Apr 2022 06:53 pm
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