बारां. जिले में विद्युत चोरी व छीजत बढऩे से प्रतिदिन विद्युत वितरण निगम को करोड़ों रुपए के राजस्व की चपत लग रही है।
बारां. जिले में विद्युत चोरी व छीजत बढऩे से प्रतिदिन विद्युत वितरण निगम को करोड़ों रुपए के राजस्व की चपत लग रही है। निगम की ओर से राजस्व वसूली पर जोर दिया जाता है तो चोरी व छीजत बढ़ जाती है। पिछले कुछ समय में बकाया बढऩे पर निगम की ओर से राजस्व वसूली का दबाव बनाने के लिए कनेक्शन काटे गए, लेकिन अधिकांश उपभोक्ताओं ने वैध तरीके से कनेक्शन जुड़वाने में रुचि नहीं लेकर बिजली चोरी की राह पकड़ ली। इससे कनेक्शन तो कट गए, लेकिन विद्युत चोरी-छीजत बढ़ गई। हाल यह है कि जिले में वर्तमान में करीब डेढ़ लाख नियमित उपभोक्ता हैं। जबकि 85 हजार कनेक्शन कटे हुए हंै तथा करीब 30 प्रतिशत विद्युत चोरी व छीजत हो रही है।
शहर में आठ लाख की रोज चपत
शहर में ही करीब पांच हजार विद्युत कनेक्शन कटे हुए हंै, करीब तीन हजार उपभोक्ताओं ने कनेक्शन नहीं ले रखे।
इस तरह करीब आठ हजार उपभोक्ता अवैध रूप से विद्युत उपभोग कर रहे हंै। इससे शहर में ही चोरी व छीजत के रूप में करीब चालीस प्रतिशत विद्युत खपत हो रही है। इस विद्युत खपत से करीब आठ लाख रुपए के राजस्व की प्रतिदिन निगम को चपत लग रही है।
तो और अधिक सुधरेंगे हालात
सूत्रों का कहना है कि जिले में चोरी व छीजत में कमी होगी तो विद्युत वितरण व्यवस्था में और अधिक प्रभावी सुधार होगा। उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति होगी। कम वोल्टेज, नंगे तारों के स्थान पर डॉग कंडक्टर वायर बदले जाएंगे। विद्युत लाइनों में स्पान कम होगा। खराब आने पर तत्काल उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर बदले जाएंगे। वैकल्पिक लाइनों का जाल बिछाया जाएगा। बार-बार ट्रिपिंग होनने की समस्या से काफी राहत मिलेगी।
& जिले में करीब 85 हजार विद्युत कनेक्शन कटे हुए हैं। इससे प्रतिदिन 30 प्रतिशत चोरी-छीजत हो रही है। निगम को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। लोगों को सहयोग करना चाहिए। पीके मेहरड़ा, अधीक्षण अभियंता, जविविनि