बारां

यहां रोज होती है पढ़ाई से पहले दरिया पार करने की ‘परीक्षा’

सरकार और उसकी व्यवस्था पर सवाल? बारां जिले के किशनगंज इलाके में स्थित तेजाजी डांडा इलाके की कहानी
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Updated: 3 Oct 2021, 11:10 PM IST
यहां रोज होती है पढ़ाई से पहले दरिया पार करने की 'परीक्षा'
यहां रोज होती है पढ़ाई से पहले दरिया पार करने की 'परीक्षा',यहां रोज होती है पढ़ाई से पहले दरिया पार करने की 'परीक्षा',यहां रोज होती है पढ़ाई से पहले दरिया पार करने की 'परीक्षा'

किशनगंज. तेजाजी डांडा क्षेत्र में जगंल से सटे इलाके में स्थित स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल तक पक्का रास्ता नहीं होना बच्चों के लिए अभिशाप है। बरसात के समय हर दिन इन्हें स्कूल आतेे-जाते बहते दरिया को पार करने की परीक्षा देनी होती है। अबतक तो सब खैरियत रही है, लेकिन ऐसे कहां तक बच्चे दरिया पार कर स्कूल जाने की परीक्षा देंगे। सवाल जनप्रतिनिधियों पर भी है। जब करोड़ों की लागत से मॉडल शिक्षा देने के उद्धेश्य से भवन का निर्माण सपनों के महल जैसा करवाया गया तो सड़क का ख्वाब क्यों अधूरा है। जानकारी के अनुसार वनविभाग द्वारा सड़क निर्माण मे रोड़ा अटकाने के चलते इसमें देरी हो रही है। तो क्या इस मसले को जनप्रतिनिधि अपनी सरकार के सामने नहीं रख सकते हैं । आखिर कब तक बच्चे पक्की सड़क के लिए तरसेंगे। कोरोनाकाल के बाद से ही अभिभावको का रूख सरकारी स्कूलों की ओर ज्यादा हुआ है। मॉडल स्कूल अंग्रेजी माध्यम का होने से इस ओर अभिभावकों की रुचि अधिक है।
शनिवार को हुई तेज बारिश के दोरान विद्यालय छुट्टी होने के बाद सभी बच्चों को बरसात में विकराल रूप लेने वाले दरिया का सामना करना पड़ा। दरिया अधिक होने से कुछ विद्यालय स्टाफ की सूचना पर कुछ छात्रों के परिजन ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर पंहुचे और छात्रों व अध्यापकों को निकालकर वाहनों तक सुरक्षित पंहुचाया। अभिभावक टीकम व बंटी प्रजापति ने सभी बच्चों को टै्रक्टर ट्रॉली में बैठा कर पार लगाया। देर शाम तक बच्चे घर पहुंचे।

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