बारां

पहले निकालते बेईमानी का भूत,फिर करते योजना लांच, जानिए सरकारी कारिंदों की कारस्तानी

राशन डीलरों के प्रति बेईमान होने का भूत बैठा है। सरकारी कारिन्दे यदि इस भूत को निकालकर योजना शुरू करते तो अच्छे परिणाम सामने आते
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Updated: 10 Dec 2017, 5:00 PM IST
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सरकारी कारिन्दों ने अन्नपूर्णा योजना को प्रदेश में लागू तो कर दिया लेकिन अब यह राशन डीलरों के गले की फांस बन गई है। राशन डीलरों के प्रति हर एक के दिल में बेईमान होने का भूत बैठा है। सरकारी कारिन्दे यदि इस भूत को निकालकर योजना शुरू करते तो अच्छे परिणाम सामने आते लेकिन आनन-फानन में लागू की गई अन्नपूर्णा योजना अब उगलते बन रही है ना निगलते। दर असल राशन की दुकानों पर डिपार्टमेंटल स्टोर की तरह सभी वस्तुएं मिलें इसके लिए सरकारी कारिन्दों ने पहल की थी। जोर-शोर से योजना को लांच किया गया। राशन डीलरों ने भी बुझे मन से ही सही उम्मीद का सहारा पकड़ कर इस योजना को लागू किया और हजारों का माल उधारी में अपनी दुकानों में भर लिया। सरकारी कारिन्दे तो अपनी वाह-वाही लूट कर चले गए लेकिन इन दुकानों पर ग्राहक ने आना ही छोड़ दिया। ऐसे में लोगों ने इन दुकानों से खरीददारी नहीं की और अन्नपूर्णा योजना उधारी में राशन डीलरों को कंगाल कर चल दी।
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बारां. अन्नपूर्णा भंडार पर शुद्ध व सस्ता सामान बेचने के नाम पर जिले के 95 राशन डीलर 29 लाख का सामान दबा बैठे हैं। अब तक उन्होंने इस राशि का भुगतान कंपनी को नहीं किया है। डीलरों ने कंपनी से किराने का सामान उधार मंगवा तो लिया लेकिन अब राशि चुकाने में आनाकानी कर रहे हैं। । हालांकि कंपनी ने वसूली के लिए जिले के आलाधिकारियों से बातचीत भी की है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आखिर में कंपनी को वसूली के लिए मुंबई से अपना प्रतिनिधि बारां भेजना पड़ा है। जिले में 122 अन्नपूर्णा भंडार संचालित हैं। इन भंडारों पर किराने सहित अन्य सामान शुद्ध व बाजार से सस्सी दरों पर मिलने का दावा किया जाता था। यह सामान मुंबई की फ्यूचर ग्रुप कंपनी उपलब्ध कराती थी। सुविधा के लिए कंपनी के प्रतिनिधि राशन डीलरों को उधार सामान भी भेजते थे। कई डीलरों ने समय पर राशि का भुगतान भी कर दिया लेकिन 95 राशन डीलर ऐसे हैं, जिनपर कंपनी का 28 लाख 87 हजार 84 रुपए बकाया है। कंपनी ने जुलाई से राशन डीलरों को उधार सामग्री देना ही बंद कर दिया। उधर वसूली के लिए कंपनी के प्रतिनिधि बारां आए हुए हैं। वे एक-एक राशन डीलर के पास जाकर बकाया राशि की वसूली कर रहे हैं।
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कहां से दें राशि
राशन डीलरों का कहना है कि अन्नपूर्णा भंडार पर सामान बिकता नहीं है, क्योंकि कई सामानों की कीमत बाजार भाव से ज्यादा है। ऐसे में दुकानों पर सामान रखना ही कम कर दिया गया है। राशि आने पर कंपनी को भेज दी जाएगी।

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