मंडी खुलते ही 75 हजार कट्टे जिंस की हुई आवक, गेहूं के भाव में उछाल, 2670 रुपए प्रति क्विंटल तक बिके
बारां. स्थानीय कृषि उपज मंडी में लहसुन की (लाटरी किस्म ) थोक में एक से दो रुपए प्रति किलो की दर से बिका। जबकि अच्छी क्वालिटी के लहसुन के भाव भी चार हजार रुपए प्रति क्विंटल (चार रुपए किलो) तक रहे। पांच दिन के अंतराल के बाद खुली मंडी में लगभग 75 हजार कट्टे जिंस की आवक हुई। इनमें सर्वाधिक 50 हजार कट्टे गेहूं रहा। मंडी समिति सूत्रों ने बताया कि हम्मालों व व्यापारियों के बीच नई दरों को लेकर गतिरोध के कारण पांच दिन मंडी बंद रही थी। इसके बाद जैसे ही मंडी खुलने का निर्णय हुआ किसान जिंस लेकर बुधवार रात से ही पहुंचने लगे थे। सुबह तक मंडी में करीब 75 हजार कट्टे जिंस की आवक हो गई थी।
मंडी में लहसुन उत्पादक किसान नीलामी में खुले भाव सुनकर खासे निराश हो गए। कई किसानों का कहना था कि इन भावों से तो लहसुन की कटाई व परिवहन का खर्च तक नहीं निकल रहा, खाद, बीज व मेहनत तो दूर की कौड़ी साबित हो रहे हैं। गत वर्ष लहसुन का भाव अच्छा रहने से इस वर्ष भी किसानों ने लहसुन उत्पादन को लेकर खासा रुझान दिखाया था। लेकिन अब किसान आर्थिक रूप से मुश्किल में आ गए हैं। इसके विपरीत गेहूं उत्पादक किसान मौज काट रहे हैं। गेहूं का भाव 2250 से 2670 रुपए प्रतिक्विंटल रहा। गेहूं के निर्यात होने का फायदा अब किसानों को मिल रहा है। जिले में इस वर्ष करीब एक लाख नौ हजार हैक्टेयर में ही गेहूं की बुवाई थी। जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 50 हजार हैक्टेयर कम है। मंडी में चने के भाव भी कम मिल रहे हैं। इसका कारण समर्थन मूल्य खरीद केन्द्रों पर खरीद की प्रक्रिया में खामी होना है। मंडी में चना 4200 से 4600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बिका।