
बारां. युवा गुर्जर समाज की ओर से आरक्षण समेत सात सूत्रीय मांग को लेकर बुधवार को शहर के प्रमुख मार्गो से नारेबाजी करते हुए रैली निकालकर जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया। मिनी सचिवालय के समक्ष विचार प्रकट करते हुए युवा नेता विक्रम भड़ाना ने कहा कि आरक्षण को लेकर शहीदों की कुर्बानियों को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार मजबूर नहीं करें। राजी-राजी आरक्षण दे दो, वरना सड़कों पर उतरेंगे। यह है सात सूत्रीय मांग
सरकार के नाम जिला कलक्टर को दिए गए सात सूत्रीय ज्ञापन में कहा गया कि गुर्जर समाज को 50 प्रतिशत के अन्दर 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। देवनारायण जयंती पर राजकीय अवकाश लागू किया जाए। आरक्षण आंदोलन के समय जिन लोगों के खिलाफ मुकदमें दायर किए गए है, उन्हें दोष मुक्त किया जाए। आरक्षण आंदोलन में शहीदों के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। लालसोट में आंदोलन के दौरान हमले की सीबीआई जांच कराई जाए। प्रदेश में केवल गुर्जर समाज के छात्रों के लिए अलग से छात्रावास बनाए जाए।
Read more : बच्चों के साथ खेल रही थी,पडौसी उठा ले गया जंगल में, फिर कर दिया ऐसा काम कि सोच नहीं सकते.
पैदल ही पहुंचे मिनी सचिवालय
इससे पहले समाज के लोग शिवाजी नगर मारवाड़ा बस्ती स्थित समाज के मंदिर परिसर में एकत्र हुए। यहां से दोपहर बाद रैली रवाना हुई। रैली में बड़ी संख्या में समाज के युवा शामिल थे। रैली शिवाजी नगर तिराहा, अम्बेडकर सर्किल, दीनदयाल पार्क, चारमूर्ति चौराहा होते हुए पैदल ही मिनी सचिवालय पहुंची। इस दौरान युवा मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। बाद में मिनी सचिवालय के समक्ष भी जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
राजस्व अधिकारियों की बैठक
बारां. राजस्व अधिकारियों की बैठक में स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राजस्व प्रकरण सहित विभिन्न विकास योजनाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को समन्वय से लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक जिला कलक्टर डॉ. एसपी सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को मिनी सचिवालय सभागार में हुई।
कलक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों को निश्चित समयावधि में पूर्ण किया जाए। स्वच्छ भारत मिशन, जल स्वावलम्बन अभियान आदि की समीक्षा करते हुए राजस्व वसूली के प्रकरणों के लक्ष्य पूर्ण करने को कहा गया। बैठक में लम्बित राजस्व प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने, रोड़ा एक्ट, एलआर एक्ट, सीमाज्ञान के प्रकरण, पेंशन प्रकरण, 17 सीसी के प्रकरण, वसूली के प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप करने के निर्देश दिए गए। जिला परिषद के सीईओ रामजीवन मीणा, समस्त उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि बैठक में मौजूद थे।