
बांध का निर्माण। फोटो: एआई
बारां। बारां जिले में संरचनात्मक सिंचाई और कमाण्ड क्षेत्र का रकबा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की कई योजनाएं प्रगति पर है जिसके चलते जिले की हजारों हैक्टेयर भूमि सिंचित हो जाएगी। प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में स्थित जिले का आधे से अधिक भौगोलिक क्षेत्रफल कृषि योग्य है। जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 6 लाख 95 हजार 550 हैक्टेयर है, जिसमें करीब 3 लाख 53 हजार 616 हैक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। लेकिन मानसून में प्राप्त पानी को सहजने के लिए बड़े जलाशय कम है।
बारां जिले में बड़े व छोटे डेम तथा तालाब करीब डेढ़ दर्जन है। इनसे वर्तमान में 1 लाख 08 हजार 692 हैक्टेयर क्षेत्र ही सिंचित हो पा रहा है। वर्तमान में करीब 13 परियोजनाएं निर्माणाधीन है। जिनसे 1 लाख 16 हजार 205 हैक्टयर भूमि सिंचित होगी। नाहरगढ़ क्षेत्र के 9800 हैक्टयर क्षेत्र के लिए और केलवाड़ा, समरानियां क्षेत्र की लगभग 15 हजार हैक्टयर भूमि के साथ ही पार्वती नदी के बांई किनारे पर छबड़ा स्थित लगभग 16 हजार हैक्टयर भूमि में सिंचाई के साधनों के लिए विभाग द्वारा डीपीआर बनवाई जा रही है।
हथियादेह नाले पर बांध का कार्य पूर्ण कर 46.95 मिलीयन घनमीटर पानी का भराव प्राप्त होगा और क्षेत्र के जनजाति बाहुल्य 54 ग्रामों की
लगभग 9 हजार 900 हैक्टयर भूमि सरसब्ज होगी। वर्तमान में कमाण्ड क्षेत्र में डिग्गी, पम्प हाउस व पाईप नेटवर्क बिछाए जाने का कार्य किया जा रहा है। जिसका जून 2027 तक परियोजना का कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
छबड़ा तहसील में अंधेरी नदी पर मूण्डकिया गांव के समीप लगभग 3.00 किमी लम्बा बांध बनाया जाना प्रस्तावित है, जिसमें 45.29 मिलीयन घनमीटर जल का संग्रहण प्रस्तावित है। इस जल से छबड़ा व छीपाबड़ौद के 56 ग्रामों की 9 हजार 850 हैक्टयर भूमि सिंचित हो सकेगी। परियोजना निर्माण के लिए निविदा विभाग द्वारा की जा चुकी है। वर्तमान में परियोजना की लागत 830 करोड़ रूपए आंकी गई है।
पार्वती नहर प्रणाली की मुख्य नहर का जीर्णोद्वार कार्य अटरू, बारां व मांगरोल तहसील के 57 ग्रामों की 12531 हैक्टयर भूमि को सिंचित करने वाले पार्वती नहर प्रणाली की नहरों के सुदृढीकरण का कार्य वर्तमान में पूर्ण किया जा चुका है।
कुंजाय, सेमरी व बमनगवां परियोजना शाहबाद में करई नदी पर तीन बांध बनाए जाएंगे। इनमें लगभग 14.50 मिलीयन घनमीटर से अधिक जल का संधारण किया जाएगा। अतिरिक्त जल की निकासी के लिए तीनों बांधों में गेट लगाए जाएगे। जिससे क्षेत्र के लगभग 34 ग्रामों की 5 हजार 600 हैक्टयर भूमि में सिंचाई लाभ पहुंचाया जाना प्रस्तावित है। तीन वर्ष की अवधि में कार्य पूर्ण कर सिंचाई प्रारम्भ करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में सिंचाई के संसाधनों को लेकर व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे है। पूर्व में चल रहे सिंचाई संसाधनों के अलावा वर्तमान कार्यों से 1 लाख 16 हजार 205 हैक्टयर भूमि और सिंचित होगी।
-जितेन्द्र शेखर, अधीक्षण अभियन्ता, सिंचाई विभाग, बारां
Updated on:
5 Nov 2026, 1:45 PM IST
Published on:
5 Nov 2026, 1:45 PM IST
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