
बारां. सरकारी एम्बुलेंस संचालन में जुटे कर्मचारियों में हड़ताल की सुगबबुगाहट को देखते हुए राज्य सरकार सतर्क हो गई है। संभावित हड़ताल शुरू होने से पहले ही उसे रोकने के लिए आदेश जारी कर दिए गए है। हाल ही राज्य के शासन संयुक्त सचिव, गृह (आपदा प्रबंधन) विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर एम्बुलेंस सेवा को आगामी छह माह तक अत्यावश्यक सेवा घोषित कर दिया गया है। अब 108 आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ 104 जननी एक्सप्रेस, बेस एम्बुलेंस एवं 104 टोल फ्री चिकित्सा परामर्श सेवा में कार्यरत कर्मचारियों पर हड़ताल जैसे कदम उठाने पर रोक लगा दी गई है।
यह है अधिसूचना
अधिसूचना में कहा गया है कि 108 आपातकालीन सेवा के साथ 104 जननी एक्सप्रेस, बेस एम्बुलेंस एवं 104 टोल फ्री चिकित्सा परामर्श सेवाओं में हड़ताल होने से सेवाओं के प्रदाय एवं अनुरक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा व उसके परिणामस्वरूप समुदाय को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। राजस्थान सरकार तुरंत प्रभाव से 108 आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ 104 जननी एक्सप्रेस, बेस एम्बुलेंस एवं 104 टोल फ्री चिकित्सा परामर्श सेवाओं का संचालन प्रदाता कम्पनी जीवीके ईएमआरआरई के माध्यम से इनिटग्रेटेड एम्बुलेंस प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है, के सभी कार्यालय एवं उसके कर्मचारियों तथा उसके कार्यकलापों से संबंधित सभी सेवाओं को 16 मार्च 2018 से आगामी छह माह तक अत्यावश्यक सेवा घोषित किया जाता है।
& सरकार की ओर से अत्यावश्यक सेवा के तहत अधिसूचना जारी कर एम्बुलेंस सेवा बाधित करने पर रोक लगा दी गई है। यह एहतियात के तौर पर किया गया है। हड़ताल आदि से सेवा बाधित करने पर कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
विशाल कुमार झा, जिला समन्वयक, जीवीके, ईएमआरआरई
आशंका जताई जा रही है कि विधानसभा चुनाव को नजदीक देखते हुए विभिन्न विभाग में स्थायी, अस्थायी कर्मचारी, सेवा प्रदाता के कार्मिक आदि आगामी छह माह के दौरान हड़ताल शुरू कर सकते हैं, इससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी के मद्देनजर प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा में हड़ताल को रोकने के लिए अधिसूचना जारी की गई है। उल्लेखनीय है कि सम्बंधित कम्पनी के कर्मचारियों की ओर से वेतन वृद्धि समेत अन्य मामलों को लेकर कुछ दिनों पहले भी उच्चाधिकारियों को लिखित रूप से ज्ञापन दिया गया था।