बारां

यहां तो घर जाने के लिए सारथी छोड़ रहे हैं अर्जुन का साथ …क्या है हकीकत जानिए

कुरूक्षेत्र में अर्जुन के सारथी बने श्रीकृष्ण ने महाभारत का युद्ध जिता दिया था किन्तु रोड़वेज के सारथी अर्जुन का साथ छोड़ कर घर जाना चाहते हैं।
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Updated: 1 Dec 2017, 5:38 PM IST
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कुरूक्षेत्र में अर्जुन के सारथी बने श्रीकृष्ण ने महाभारत का युद्ध जिता दिया था किन्तु हमारी रोड़वेज के सारथी अर्जुन का साथ छोड़ कर घर जाना चाहते हैं। अब तक चार सारथियों ने तबादला ले लिया है और तबादला चाहने वालों की लाइन लम्बी होती जा रही है। अब रोड़वेज के प्रबंधक बिना सारथियों के युद्ध जीतने का जतन करने में लगे हैं।

बारां. रोडवेज परिचालकों की अपने गृह जिले में स्थानांतरण की इच्छा ने अधिकारियों की सांसें अटका दी है। हालात यह हैं कि स्थानांतरण के लिए 29 परिचालकोंं ने अर्जी लगाई थी। इसमें से 4 का स्थानांतरण हो गया है। उधर अधिकारियों का कहना है कि चार के चले जाने से व्यवस्थाएं गड़बड़ाने लगी है। बाकी 25 का स्थानांतरण होने पर स्थिति ज्यादा बिगड़ जाएगी। रोडवेज के बारां डिपो में 92 बसें हैं। बसों के संचालन की जिम्मेदारी 101 कंडक्टरों पर है, जबकि परिचालकोंं के पद 160 स्वीकृत हैं। इनमें ज्यादातर परिचालक अन्य जिलों के हैं। अधिकारियों का कहना है कि डिपो में पहले ही परिचालकों की कमी है। ऊपर से 29 कंडक्टरों ने स्थानांतरण की अर्जी लगाई थी। एक माह पहले डिपो के पास 106 कंडक्टर थे लेकिन 4 कंडक्टरों का स्थानांतरण हो गया है। इससे डिपो की व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई हैं। कई परिचालकों की डबल ड्यूटी लगाकर काम चलाना पड़ रहा है। बाकी बचे 25 कंडक्टर भी स्थानांतरण का जुगाड़ लगा ही रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिल्हाल बारां डिपो में बाहर का कोई परिचालक आना नहीं चाहता है। ऐसे में परिचालक बढऩे की कोई उम्मीद नहीं है लेकिन संख्या घटना तय है।
अवकाश पर रहते हैं 20 परिचालक
बारां डिपो में कार्यरत परिचालकोंं में से 20 हमेशा अवकाश पर रहते हैं। इनमें भी अन्य जिलों के कंडक्टर कम से कम एक सप्ताह का अवकाश लेते हैं। साथ ही 11 कंडक्टर अनुपस्थित चल रहे हैं।

ज्ञापन देने पहुंची

केलवाड़ा. कस्बे की सहरिया बस्तियों में भी अब नशे के खिलाफ सहरिया समाज में जागृति आने लगी है। गुरुवार को बड़ी संख्या में सहरिया महिलाएं केलवाड़ा थाने और उप तहसील कार्यालय में जाकर शराब की दुकानों को बंद कराने के लिए ज्ञापन देने पहुंची। केलवाड़ा थाने में एएसआई रामप्रसाद सेन ने सहरिया महिलाओं को शराब की दुकान बंद कराने का आश्वासन देते हुए उन्हें गुटखा, शराब, तम्बाकू से खुद को दूर रखते हुए परिवार को दूर रखने की नसीहत दी।
केलवाड़ा. कस्बे की सहरिया बस्तियों में भी अब नशे के खिलाफ सहरिया समाज में जागृति आने लगी है। गुरुवार को बड़ी संख्या में सहरिया महिलाएं केलवाड़ा थाने और उप तहसील कार्यालय में जाकर शराब की दुकानों को बंद कराने के लिए ज्ञापन देने पहुंची। केलवाड़ा थाने में एएसआई रामप्रसाद सेन ने सहरिया महिलाओं को शराब की दुकान बंद कराने का आश्वासन देते हुए उन्हें गुटखा, शराब, तम्बाकू से खुद को दूर रखते हुए परिवार को दूर रखने की नसीहत दी।

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