
कस्बाथाना. तुलसीदास जी ने कहा है समरथ को नहीं दोष गुंसाई। अर्थात समर्थ व्यक्ति को दोष नहीं दिया जा सकता लेकिन सहरिया समाज की समाज सुधार समितियों ने ठीक इसके उलट काम कर समाज को सुधारने की ठानी है। सहरिया समाज के ऐसे समर्थ लोग जो सरकारी अथवा अच्छी नौकरियों में हैं और आर्थिक रूप से सम्पन्न भी हैं ऐसे लोगों द्वारा यदि शराबखोरी अथवा जुआखोरी की जाएगी तो इन्हें ना केवल जुर्माना भरना पड़ेगा अपितु इन्हें दण्ड भी मिलेगा।उल्लेखनीय है कि सहरिया बस्तियों में सुधार समितियों का गठन किया गया है। यह समितियां कुरीतियों में शामिल लोगों पर जुर्माना लगाती है जब कि अपराध करने पर दण्ड भी देती हैं। दण्ड में जूतों की माला पहनाना तक शामिल है। समाज के पदाधिकारी करन सहरिया ने बताया कि समाज के कुछ कर्मचारी लोग नौकरी करने पर शराब मदिरा का सेवन कर रहे हैं। ऐसे लोगों से जुर्माना वसूली के साथ दण्ड भी दिया जाएगा। समाज का मानना है कि समर्थ लोगों के सुधरने पर ही समाज में सुधार आएगा।
जुर्माना वसूली से करेंगे मदद
जुर्माना राशि से जरूरतमंद लोगों का सहयोग भी किया जाएगा। अध्यापक दयालू राम सहरिया ने बताया कि शराब,जुआखोरी,गांजा का सेवन करते पाए जाने पर लोगों पर जो जुर्माना लगाया जाएगा उस राशि से समाज के लोगों की सहायता की जाएगी। इस राशि को सबसे पहले शिक्षा के क्षेत्र में पिछडे बच्चों पर खर्च किया जाएगा। आर्थिक रूप से कमजोर और बुद्विमान बच्चों को इस राशि से शिक्षा ग्रहण करवाई जाएगी। गरीब परिवार की बहन,बेटी के लिए विवाह,बीमारी व असहाय लोगों लिए भी अकस्मात आवश्यकता होने पर यह राशि दी जाएगी। पदाधिकारी मनीराम सहरिया ने बताया कि प्रत्येक माह बैठक का आयोजन कर आय व्यय खर्च का ब्योरा समाज के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। समाज के लोगों के कहने पर ही उक्त राशि खर्च की जाएगी।
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---की जा रही है निगरानी
शराबखोरी बंद कराने को ठेके पर निगरानी का भी प्रस्ताव है। दो व्यक्तियों को निगरानी के लिए लगाए रखने का प्रस्ताव भी रखा है जिसे लागू किया जाएगा। जो व्यक्ति शराब खरीदते पाया जाएगा उसे तत्काल समाज के पदाधिकारियों के सामने पेश किया जाएगा। समिति व पदाधिकारी इस दौरान अपना निर्णय देंगे। अध्यापक दयालू राम सहरिया ने बताया कि इस सम्बन्ध में अगली बैठक 25 नवम्बर को क्षेत्र के बसेली गांव के सहराना बस्ती में रखी गई है। बैठक में करीब एक दर्जन गांव के लोग एकत्रित होकर बसेली की समिति बनाएंगे।
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मध्यप्रदेश से आई समाज के लोगों की टीम
क्षेत्र में हो रहे समाज सुधार कार्य को देखने के लिए मध्यप्रदेश से समाज के लोगों की एक टीम आई है। उन्होंने ऐसा ही कार्य अपने क्षेत्र में शुरू करने का निश्चय किया है।