बारां

तीन साल में तनख्वाह ली लाखों और सेंपल लिया केवल एक ,यह स्थिति सामने जब आई तो क्या हुआ…

खाद्ध सुरक्षा अधिकारी ने तीन साल में केवल एक सेंपल लिया। इस दौरान सरकार से लाखों रूपए तनख्वाह ले चुके। शिकायतें करने वाले परेशान हो गए।
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Updated: 25 Dec 2017, 6:15 PM IST
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उपभोक्ता दिवस पर आयोजित गोष्ठी में सामने आया कि कुरकरे की कईं शिकायतों के बावजूद खाद्ध सुरक्षा अधिकारी ने तीन साल में केवल एक सेंपल लिया। इस दौरान वह सरकार से लाखों रूपए तनख्वाह ले चुके। इधर शिकायतें करने वाले परेशान हो गए। जिला कलक्टर की बैठक में जब यह सामने आया तो सब सन्न रह गए। जिला कलक्टर ने उन्हें आवश्यक काम करने के निर्देश दिए। दरअसल बारां जिले में मिलावटियों की चांदी हो रही है। पिछले महीनों में यहां नकली देशी घी बनाने का मामला भी पकड़ा था। मसालों और खादध पदार्थों में मिलावट की तो कोई हद ही नहीं रही है। इधर अधिकारी पर लगातार अंगुलियां उठ रही हैं।बारां. राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर रविवार को आयोजित संगोष्ठी में दवाइयों पर कमीशन ज्यादा लेने व किराने सहित अन्य सामानों का बिल नहीं देने पर उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताई। जिला कलक्टर ने मौके पर ही संबंधित अधिकारी से बातचीत कर समस्या समाधान का आश्वासन दिया। संगोष्ठी जिला कलक्टर डॉ. एसपी सिंह की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय सभागार में हुई। संगोष्ठी में उपभोक्ताओं को अधिकार बताए गए। पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष बीसी जैन ने कहा प्राइवेट अस्पतालों में दवाइयां अस्पताल की दुकानों से लेने के लिए बाध्य किया जाता है। यही नहीं कीमत भी ज्यादा वसूल की जाती है। इस पर जिला कलक्टर ने कहा कि प्रत्येक दवा पर कमीशन होता है। कुछ दवाई विक्रेता पूरा कमीशन लेते हैं। वहीं कई अपना कमीशन कम लेते हैं। एलपीजी एसोसिएशन के प्रतिनिधि रामेश्वर खंडेलवाल ने कहा कि एक निजी बैंक जीरो बैलेंस पर खाता खुलवा लेता है। जैसे ही खाताधारक कुछ रुपए जमा कराता है तो बैंक के कर्मचारी खाते में निर्धारित राशि नहीं होने का हवाला देकर रुपए काट देते हैं। जीरो बैलेंस वाले खाता धारकों को सुविधाएं भी नहीं देते हैं। जिला कलक्टर ने बैंक मैनेजर को बैठक में बुलाने की बात कही।

तीन साल में मात्र एक सैंपल
पार्षद शिवशंकर यादव ने कहा कि बाजार में अवधिपार कुरकुरे मिलते हैं, जिन पर निर्माण तिथि तक नहीं लिखी होती है, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। उक्त कुरकुरों पर रोक भी नहीं लग रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश रामचंदानी ने बताया कि कुरकुरे का एक सैंपल लिया है, जो मिसब्रांड पाया गया है। इस पर जिला कलक्टर ने कहा कि तीन साल में मात्र एक सैंपल लिया है। उन्होंने ज्यादा सैंपल लेने की बात कही।

पक्का बिल नहीं देते

राशन डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेन्द्र जैन ने कहा कि किराने सहित अन्य व्यापार करने वाले व्यापारी सामान खरीदने पर पक्का बिल नहीं देते हैं। जिला कलक्टर ने बिल नहीं देने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जिला उपभोक्ता मंच के सदस्य ललित वैष्णव ने कहा कि एटीएम कार्ड धारकों का पांच लाख रुपए तक का बीमा होता है। साथ ही गैस सिलेेंडरों पर बीमा होता है। यदि रोड क्षतिग्रस्त है तो टोल नाके के खिलाफ वाद दायर किया जा सकता है।

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