बारां

सर्दी में स्वाद ही नहीं सेहत के लिए भी अच्छी है गुड़ और तिल्ली की गजक

इन दिनों सर्दी के बढ़ने के साथ ही शहर में गजक-रेवड़ी की बिक्री भी जोर पकड़ने लगी है। सर्दी में तिल्ली, मूंगफली व गुड़ की गजक को लोग काफी पंसद करते हैं।
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Updated: 8 Dec 2022, 11:32 AM IST
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पत्रिका न्यूज नेटवर्क/बारां। इन दिनों सर्दी के बढ़ने के साथ ही शहर में गजक-रेवड़ी की बिक्री भी जोर पकड़ने लगी है। सर्दी में तिल्ली, मूंगफली व गुड़ की गजक को लोग काफी पंसद करते हैं। शहर दो दर्जन से अधिक हाथ ठेलों पर गजक की बिक्री की जाती है। सर्दी के दिनो में गर्माहट लाने के लिए विशेष तोर से लोग तिल्ली मूंगफली की सामग्री खाफी उपयोग करते हैं। तिल्ली की बनी गजक, रेवड़ी, मावाबाठी, फलीपाक,तिल्ली की काजूकतली, तिल्ली के पापड़ तथा तिल्ली के लडडुओं की विशेष मांग सर्दी के दिनों में बढ़ जाती है।

स्थानीय सामग्री की मांग
स्थानीय गजक वालों द्वारा बनाई गई तिल्ली व मूंगफली से बनी सामग्री को लोग अधिक पसंद करते हैं। यह दौ सौ रूपए प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध हो जाती है। गजक बनाने वाले व्यापारी रामनिवास राठोर ने बताया कि वह करीब 40 वर्षों से इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। सर्दी के दिनो में गजक की अच्छी बिक्री होती है। उन्होंने बताया कि वे शहर समेत बाहर भी माल की बिक्री करते हैं। मावाबाटी की अधिक मांग होती है। जो गुड़ तथा शक्कर दोनों से बनाई जाती है।

घरों पर भी बनाते हैं
इन दिनों बाजार में दौ सौ रुपए से 220 रूपए प्रति किलो धुली हुई साफ तिल्ली बाजार में बिक रही है। वहीं 40 से 45 रूपए प्रति किलो गुड़ मिल रहा है। किराना व्यापारियों ने बताया कि इन दिनों तिल्ली व गुड़ की डिमाण्ड दो गुनी से भी अधिक हो जाती है। लोग बाजार से सामग्री खरीदकर घरों में भी तिल्ली के लडडू बनाकर उपयोग करते हैं।

कोटा, इन्दौर से भी बेचने को ला रहे
गजक व्यापारी चौथमल वैष्णव ने बताया की शहर में आधे से अधिक व्यापारी कोटा व इन्दौर की गजक तिल्ली के पापड़ व अन्य वैराइटी खरीदकर बेचने के लिए लाते हैं। कई किराना दुकानों पर भी इन्दौर की तिल्ली से बनी सामग्री की काफी बिक्री की जाती है।

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