बारां

जुगाड़ की ‘पटरी’ से शिक्षा की कठिन डगर

नदी की रपट हुई क्षतिग्रस्त, खंभे से पार कर स्कूल जा रहे नौनिहाल

less than 1 minute read
Oct 30, 2021
जुगाड़ की 'पटरी' से शिक्षा की कठिन डगर

मऊ. गांव की बाणगंगा नदी पर देवरे के समीप बनी रपट स्कूली बच्चों के लिए खतरे का सबब बनी हुई है। इसका खामियाजा मजरा शंकरा गांव के मासूम स्कूली बच्चे किसी भी दिन उठा सकते हैं। इस बस्ती के बच्चे रोजाना विद्यालय में पढऩे के लिए पंचायत मुख्यालय मऊ आते हैं। मासूम स्कूली बच्चों का नदी पर बनी इस क्षतिग्रस्त रपट से रोजाना सामना होता है। गांव के लोगों ने आवागमन के लिए रपट के पास ही बिजली के पोल रपट के क्षतिग्रस्त स्थान पर डाल रखे हैं। इनसे गुजर कर लोग और शंकरपुरा बस्ती के स्कूली बच्चे नदी पार कर पाते हैं। बिजली के खंभे पर चलते समय जरा सा पैर पिसलते ही नदी में गिरने का खतरा बना रहता है। गांव के दिनेश शर्मा, अखराज नागर, रघुवीर गुर्जर आदि ने बताया कि बारिश के दौरान नदी में आई बाढ़ में रपट बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने क्षतिग्रस्त रपट को दुरस्त नहीं किया। मऊ गांव के कई लोगों के खेत भी नदी के उस पार हैं तो किसानों को अपने खेतों पर आने-जाने में भी परेशानी आ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन गांव के संग अभियान के दौरान गांव में आयोजित हुए शिविर में भी ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग मांगरोल के अभियंता को इस समस्या से अवगत कराया है। इस पर उन्होंने समस्या से राहत देने के लिए क्षतिग्रस्त रपट की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया है।

Published on:
30 Oct 2021 10:39 pm
Also Read
View All