
बारां. जिले में किसानों को अपने खेत की सेहत की जांच के लिए यहां-वहां नहीं जाना पड़ेगा। अब गांव में ही किसानों को अपने खेत की मिट्टी की जांच व स्वास्थ्य कार्ड घर पर ही मिल सकेगा। ऐसी योजना सरकार द्वारा बनाई गई है। जिले में अभी बारां समेत चार जगह मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं हैं। सरकार की योजना के तहत अब ग्राम स्तर से ग्राम पंचायत स्तर तक मिनी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी। इससे कोई भी किसान गांव में ही अपनी जमीन की जांच करा सकता है, इसके बाद उसे मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी घर बैठे मिलेगा।
नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर के अंतर्गत सॉयल हेल्थ मैनेजमेंट स्कीम के तहत ग्राम स्तर पर मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएगी। वर्तमान में केन्द्र सरकार द्वारा पूर्व में जारी निर्देशों में संशोधन करते हुए नवीन दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उक्त योजना अंतर्गत ग्रामीण युवकों के लिए रोजगार का सजृन होगा। समय पर मृदा नमूनों का विश्लेषण कर ऑनलाइन सॉयल हेल्थ कार्ड तैयार कर किसानों को घरों पर ही उपलब्ध कराए जाएंगे।
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उनको सुविधा, इनको रोजगार
गांव स्तर पर प्रयोगशाला खुलने से किसानों को राहत मिलेगी ही वहीं चयनित युवाओं के लिए रोजगार का साधन उपलब्ध होगा। ग्रामीण रोजगार सृजन करने के उद्देश्य से इसके लिए 18 से 27 वर्ष के निर्धारित पात्रता वाले आशार्थी आवेदन कर सकेंगे जो प्रयोगशाला स्वयं के या किराए के भवन में संचालित की जा सकेगी। नमूना संग्रहण विश्लेषण व सॉयल हेल्थ कार्ड तैयार कर वितरित करने की दर सॉयल हेल्थ कार्ड योजना के अनुरूप 300 प्रति नमूना होगी जो कि सरकार द्वारा दो किस्तों में देय होगी। जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित चयन समिति आशार्थियों में से चयन करेगी।
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देंगे प्रशिक्षण, करेंगे मॉनिटरिंग
कृषि विभाग सूत्रों के अनुसार आवेदकों में चयनित युवाओं को मिट्टी के नमूने लेने, विश्लेषण करने, फिर उसे ऑनलाइन कर स्वास्थ्य कार्ड तैयार करने आदि सभी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रयोगशालाओं के संचालन की मॉनिटरिंग रहेगी।
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रोजगार का माध्यम बनेगी
&इस योजना के तहत गांव स्तर पर मिट्टी का विश्लेषण हो सकेगा, साथ ही बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का माध्यम बनेगी। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर चयन कर प्रस्ताव जयपुर भेजे जाएंगे।
अतीश कुमार शर्मा, उपनिदेशक, कृषि विस्तार