
कहते हैं कि टेड़ी अंगुली से घी निकलता है। यह कहावत नगर परिषद बारां ने सच साबित कर दिखाई है। दरअसल परिषद का एक कंपनी से एलईडी लगाने का अनुबंध हुआ था। कंपनी को 6200 लाइटें शहर में लगानी थी। कंपनी पर बड़े आकाओं की मेहरबानी थी सो कंपनी ने 3200 लाइटें लगाई और फिर काम ही बंद कर दिया। बारां नगर परिषद अनुरोध पर अनुरोध करती रही पर कंपनी थी कि मान ही नहीं रही थी। आखिर परिषद के अधिकारियों ने कंपनी के खिलाफ निन्दा पारित किया और उसे ब्लेक लिस्टेड़ करने की धमकी दी। अधिकारियों में अन्य जिलों से भी ब्लेक लिस्टेड़ करवाने की धमकी दी। बस फिर क्या था। कंपनी आ गई अपने आप लाइन पर।
. पौने दो सालों से नगर परिषद क्षेत्र में एलईडी लाइटें लगाने का बंद कार्य पुन: शुरू होगा। अनुबंधित कंपनी को 6100 लाइटें लगानी थी लेकिन ठेकेदार के कर्मचारियों ने मात्र 3200 लाइटें लगाकर कार्य बंद कर दिया। अब यह कार्य ठेकेदार के कर्मचारियों को 31 दिसंबर से पहले पूरा करना है। इस संबंध में सभापति कमल राठौर ने नगर परिषद के अधिकारियों व कंपनी के प्रतिनिधियों की बैठक ली। बैठक में सभापति व जेईएन मानसिंह मीणा ने कंपनी के प्रतिनिधियों पर नाराजगी जताई।
ईईएसएल कंपनी से अनुबंध किया था
राज्य सरकार ने परिषद क्षेत्र में सड़कों पर एलईडी लाइटें लगाने के लिए दिल्ली की ईईएसएल कंपनी से अनुबंध किया था। इसके तहत कंपनी के प्रतिनिधियों को पूरे नगर परिषद क्षेत्र में 6100 लाइटें लगानी थी लेकिन प्रतिनिधियों ने दिसंबर 2015 में कार्य की शुरुआत की। उन्होंने मात्र तीन माह तक काम किया। इस अवधि में 3200 लाइटें लगाई। इसके बाद कार्य बंद कर दिया। जेईएन मानसिंह मीणा ने बताया कि कार्य पुन: शुरू करने के लिए कंपनी के एजीएम को बार-बार नोटिस दिया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इस संबंध में बोर्ड की बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। इसको लेकर प्रतिनिधियों को बुधवार को बुलाकर बैठक ली गई। इस दौरान कर्मचारियों को बाकी 2900 लाइटें लगाने को कहा गया। इस पर कर्मचारियों ने कार्य शुरू करने पर सहमति जताई। यह कार्य कंपनी को 31 दिसंबर तक पूरा करना होगा। कार्य पूरा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। इसकी मोनिटरिंग जेईएन मानसिंह मीणा करेंगे।
पोल लगाए
सभापति ने बताया कि परिषद क्षेत्र में सभी जगह पोल लगाकर विद्युत लाइन खंीच दी गई है, जहंा पोल नहीं लगा सके हैं, वहां दीवारों पर स्टेण्ड/लेम्प लगा दिए हैं। बैठक में सहायक अभियंता सुधाकर व्यास, एईएन सौरभ गुप्ता, कम्पनी प्रतिनिधि सतीष, पवन सेन, सत्यनारायण पांचाल, संवेदक कम्पनी के अधिकारी व पार्षद विष्णु शाक्यवाल, राजू सांखला, शिव शंकर यादव, हेमराज बैरवा आदि मौजूद थे।