पुलिस ने छीपाबड़ौद थाना इलाके के रांवा गांव में घर में घुसकर मूकबधिर की हत्या करने के मामले का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
छीपाबड़ौद के रावां में हुई थी मूकबधिर रामचरण की हत्या
छीपाबड़ौद. पुलिस ने छीपाबड़ौद थाना इलाके के रांवा गांव में घर में घुसकर मूकबधिर की हत्या करने के मामले का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक बारां अभिषेक अंदासु ने बताया कि 3 अगस्त को रावां में हत्या की सूचना मिली थी। मृतक का शव कमरे में मिला था। उसके हाथ-पैर साफी व शर्ट से बंधे थे। मुहं पर प्लास्टिक की टेप थी। व मकान के अन्दर एक कमरे में एक गड्ढा भी खुदा हुआ था। उक्त गड्ढे में से चोरों के जेवर व नकदी चुरा कर ले जाने की आशंका जताई गई थी। मृतक रामचरण सुमन की पुत्री सीमा सुमन ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने टीम बनाकर मामले की जांच शुरू की। जांच कर रहे छीपाबड़ौद के थानाधिकारी अजीतङ्क्षसह ने बताया कि एसपी के आदेश पर राजेश चौधरी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बारां के निर्देशन व विकास कुमार वृत्ताधिकारी वृत्त छबडा के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। इसमें छीपाबड़ौद व हरनावदाशाहजी थानाधिकारी, जगदीश चन्द्र शर्मा प्रभारी साइबर सैल को शामिल किया गया।
इनको किया गिरफ्तार
पुलिस ने राजा अली पुत्र अब्दुल गफ्फार 27 निवासी छीपाबड़ौद, राजेन्द्र सुमन उर्फ बल्लू पुत्र छीतरलाल 27 निवासी छीपाबड़ौद, भूरालाल उर्फ भूरा सुमन पुत्र घनश्याम 31 साल निवासी रावां, थाना विनोद कुमार सुमन पुत्र लक्ष्मीचंद 27 निवासी छीपाबड़ौद, कमलकिशोर पुत्र राधेश्याम सुमन 27 निवासी रावां, ललित नागर पुत्र चंद्रमोहन 24 निवासी छीपबड़़ौद को गिरफ्तार किया है।
ऐसे की वारदात
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि मृतक रामचरण सुमन के परिवार व सगे-संबंधियो को पूर्व से ही यह अंदेशा था कि मृतक रामचरण सुमन के घर में पुराना धन व जेवर जमीन में दबा है। परिवार में मृतक रामचरण सुमन के भाई के पोते कमल सुमन को भी इस बात की जानकारी थी। उसको यह भी पता था कि मृतक रामचरण सुमन घर पर अकेला ही रहता है। यह बात उसने अपने साथियों को बताई थी। उस पर उक्त सभी आरोपियों ने उक्त गढे हुए धन को बाहर निकालकर पाने के लिए उक्त साजिश को रचा। इससे पूर्व भी इन्होंने 10 दिन में 2 बार वारदात कर धन व जेवर निकालने का असफल प्रयास किया था। 2 अगस्त की रात 8 आरोपियों ने मृतक रामचरण सुमन के घर में घुसकर उक्त डकैती को अंजाम देने की योजना बनाई थी। इसमें से परिजन कमल सुमन व पड़ोसी भूरालाल सुमन ने गांव में ही रहकर रावां वारदात करने गए 6 आरोपियों को सूचना देने में मदद की। 2 अगस्त को 6 आरोपी ललित धाकड, विनोद सुमन, राजेन्द्र सुमन, राजा अली व 2 अन्य व्यक्ति गैंती, ग्राइण्डर, सरिया, प्लास्टिक टेप लेकर रावां पहुचे। रावां पहुचंकर कार को गांव के बाहर खडा कर दिया। उसके बाद 2 बाइक पर 6 आरोपी मृतक के घर के पास पहुचे। इसमें से 4 आरोपियों ने पीछे के गेट को खोलकर प्रवेश कर मृतक के हाथ पैर साफी व शर्ट से बांधे, मुंह पर टेप चिपका दिया। इससे रामचरण की मौत हो गई। शेष 2 आरोपी 2 बाइक पर रहकर घटना के समय निगरानी करते रहे। इस तरह 8 आरोपियों ने डकैती व हत्याकाण्ड की वारदात को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों से माल बरामदगी के प्रयास जारी हैं। अन्य आरोपियों की भी तलाश जारी है।