बारां

सुनवाई नहीं हुई तो महिलाओं ने जा घेरा तहसील कार्यालय

गुस्साई महिलाओं ने तहसीलदार के कमरे में ही धरना शुरू कर दिया। पुलिस भीमौके पर पहुंची लेकिन महिलाओं ने बाहर जाने से मना कर दिया।
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Updated: 16 Nov 2017, 5:38 PM IST
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जिले में 425 लोग सर पर ढोते है मानवीय अपशिष्ट

बारां जिले के मांगरोल कस्बे के वार्ड बीस में कुएं के रास्ते पर हो रहे
अतिक्रमण को हटाने की गुहार करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज दर्जनों महिलाओं व पुरुषों ने गुरुवार सुबह तहसील कार्यालय पर धरना दिया व महिलाओं ने तहसीलदार के दफ्तर में जा डेरा जमा लिया।
गुस्साई महिलाओं ने तहसीलदार के कमरे में ही धरना शुरू कर दिया। पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन महिलाओं ने बाहर जाने से मना कर दिया। पुरुषों ने तहसील का दरवाजा लगा दिया तो महिलाओं ने तहसील के परिसर में धरना जमा दिया।

कुछ नहीं हुआ

नगरपालिका ने दो दिन पहले अतिक्रमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने काआश्वासन दिया था लेकिन कुछ नहीं हुआ तो महिलाओं को यह कदम उठाना पड़ा।महिलाओं का कहना है कि कुएं की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर देने से उनका कुएं से पानी लाना व साथ ही खेतों को पानी देना भी बंद हो गया है। दो दिन पहले नगरपालिका में प्रदर्शन किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

युवा भटक रहे रास्ता: शास्त्री

बारां. कथावाचक पंडित मुकुट बिहारी शास्त्री ने कहा कि मनुष्य जीवन हंस की तरह है जो मोती चुगता है। लेकिन आज पढ़े-लिखे परिवारों में युवा राह भटकते जा रहे हैं। मोती की जगह वे मदिरा व मांसाहार अपना रहे हैं। शास्त्रीे रिद्धिका नगर स्थित सिद्धेश्वर महादेव मन्दिर में भागवत कथा का वाचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अपनी वृत्ति को खराब मत करो। किसी विषय को ज्यादा शरीर में स्थान नहीं दें। उसके स्थान पर सत्संग का ज्ञान बिठा दें तो विषय अपना स्थान बदलेगा। शास्त्री ने कहा कि लुहार की फूंक से लोहा गर्म होता है। वह जुड़ता है। सुनार की फूंक से सोना जेवर बनता है। वैसे ही गुरू की फूंक से सत्संग की लपट उठती है, जिससे मनुष्य का उदार होता है। कथा के दौरान माखन लीला, नाग लीला व गोवद्र्धन भगवान की छप्पन भोग की झांकी सजायी गई। भजनों पर श्रद्धालूओं ने नृत्य किया।

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