बारां

408 करोड़ के बैंक में महज 28 स्थायी कर्मचारी

संविदाकार्मिकों के भरोसे चल रहा बारां जिले का सबसे बड़ा सहकारी बैंक, जिले का सबसे बड़ा आयकरदाता होने के बावजूद राज्य का सहकारिता विभाग उदासीन

2 min read
Aug 27, 2021
408 करोड़ के बैंक में महज 28 स्थायी कर्मचारी

बारां. सहकारी क्षेत्र में जिले का सबसे बड़ा बारां नागरिक सहकारी बैंक कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। राजस्थान सरकार कर्मचारी भर्ती के नियम-कायदों की जकडऩ में आए इस बैंक का संचालन संविदा कर्मियों के सहारे करना पड़ रहा है। 408.25 करोड़ की कार्यशाील पूंजी वाले इस बैंक के विस्तार को लेकर सरकार पूरी तरह उदासीन है। जबकि जिले का यह एकमात्र ऐसा बैँक है, जो लगातार मुनाफा कमाने के साथ बीत दो-तीन बरसों से जिले का सबसे बड़ा आयकरदाता होने का गर्व हासिल कर चुका है।
बारां नागरिक सहकारी बैंक की प्रशासनिक विंग के अलावा जिले में आठ शाखाएं हैं। इनमें तीन अकेले बारां शहर में हैं। जबकि अन्ता, मांगरोल, अटरू, छबड़ा व छीपाबड़ौद में एक-एक शाखा है। इन शाखाओं के सुचारू व व्यवस्थित संचालन के लिए लगभग 90 अधिकारी व कर्मचारियों की आवश्यकता है। लेकिन वर्तमान में बैंक में 28 अधिकारी, कर्मचारी स्थायी रूप से सेवारत हैं। बैंक शाखाओं के कामकाज को सुचारू बनाए रखने के लिए संचालक मंडल ने 28 संविदा कर्मचारी नियुक्त किए हुए हैं। इसके बाद भी सभी शाखाओं में पद रिक्त होने से बैंक का प्रतिदिन का सामान्य कामकाज करना कर्मचारियों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।

ऐसे अटकी है कर्मचारियों की भर्ती
बैंक के महाप्रबंधक रामस्वरूप मीणा ने बताया कि राजस्थान सरकार के सहकारी विभाग ने सहकारी बैंकों में अधिकारियों व कर्मचारियों की भर्ती के लिए राजस्थान सहकारी भर्ती बोर्ड का गठन किया हुआ है। बारां नागरिक सहकारी बैंक ने करीब 2 वर्ष पूर्व 10 कर्मचारियों की भर्ती के लिए इस बोर्ड को एक लाख रुपए जमा कराए थे। बोर्ड के नियमों के अनुसार एक कर्मचारी की भर्ती के लिए 10 हजार रुपए देने होते हैं। बाद में बैंक का विस्तार होता चला गया, अधिकारियों व कर्मचारियों की आवश्यकता भी बढऩे लगी। लेकिन पूर्व की भर्ती के लिए बोर्ड ने कोई पहल नहीं की। ऐसे में बैंक ने बोर्ड को बाद में भर्ती के लिए आवश्यकता ही नहीं बताई।

ऑनलाइन हो गया बैंक का कार्य
बैंक का कामकाज अब ऑनलाइन होने लगा है। देश के किसी भी क्षेत्र में बैंक के एटीएम कार्ड का उपयोग अन्य बैंकों के एटीएम से किया जा सकता है। इस बैंक पर शहर ही नहीं जिलेभर के लोग खासा भरोसा जताते हैं। यहीं कारण है कि बैंक के सदस्य (अंशधारक) संख्या लगातार बढ़ रही है। लेकिन सदस्य संख्या के अनुसार कर्मचारियों के अभाव में बैंक के विस्तार में परेशानी आ रही है। इस बैंक की स्थापना वर्ष 1959 में हुई थी।

-बैंक का स्थापना बहुत ही छोटे रूप में हुई थी। बाद में बैंक के कामकाज को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ता चला गया। वर्तमान में बैंक बैंक बारां समेत जिले के उपखंड कार्यालयों पर शाखाओं का संचालन कर रहा है। अंशधारकों को नियमानुसार लाभ का निश्चित व निर्धारित हिस्सा दिया जा रहा है। अब बैंक पूरी तरह ऑनलाइन हो गया है। कर्मचारियों की कमी के बावजूद ग्राहकों को संतोषप्रद सेवाएं देने के साथ पारदर्शितापूर्ण तरीके से बैंक का संचालन किया जा रहा है।
जयनारायण हल्दिया, चेयरमैन, बारां नागरिक सहकारी बैंक, बारां

यह बैंक का मजबूत ढांचा
-कार्यशील पूंजी-408.25 करोड़
-अमानतें-346.90 करोड़
-बैंक के अंशधारक (सदस्य) 26587
-हैड ऑफिस-1
-बैंक की कुल शाखाएं 8
-अधिकारी, कर्मचारियों के कुल स्वीकृत पद 90
-स्थायी अधिकारी व कर्मचारी 28
-संविदा कर्मचारी 28
-कर्मचारी व अधिकारियों के रिक्त पद 62

Published on:
27 Aug 2021 10:17 pm
Also Read
View All