बारां

जन्माष्टमी विशेष : कान्हा को भोग में चढ़ती है पंजीरी, ऋतु परिवर्तन में भक्तों का करती है रोगों से बचाव

नंद गोपाल, माखन चोर युगांधर श्रीहरि विष्णु के अवतार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव सोमवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। ग्रहों व मुहूर्त के अनुसार सोमवार और मंगलवार को जन्मोष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।

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Aug 26, 2024
नंद गोपाल, माखन चोर युगांधर श्रीहरि विष्णु के अवतार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव सोमवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। ग्रहों व मुहूर्त के अनुसार सोमवार और मंगलवार को जन्मोष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।

पूजन के प्रसाद में उपयोगी सामग्री का है औषधीय महत्व

Happy Janmashtmi : बारां. नंद गोपाल, माखन चोर युगांधर श्रीहरि विष्णु के अवतार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव सोमवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। ग्रहों व मुहूर्त के अनुसार सोमवार और मंगलवार को जन्मोष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। वहीं तिथि व दिन के अनुसार गुरुवार को मदन गोपाल का प्राकट््य उत्सव लोग मनाएंगे। भगवान को वैसे तो कई तरह के भोग अर्पित किए जाएंगे, लेकिन इनमें विशेष प्रकार की पंजीरी जरूर शामिल होगी। जो न केवल प्रसाद होगी, बल्कि औषधि का भी काम करेगी। साथ ही भगवान को ककड़ी के नन्हे फूल अर्पित होंगे, जो उनके जन्मोत्सव पर विशेष तौर पर बाजार में आते हैं। इसके अलावा खीरा ककड़ी और ककोड़े को भी इस दिन खास माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इनके बिना श्रीकृष्ण का पूजन अधूरा रहता है।

पुराणों में है उल्लेख

ज्योतिषाचार्य सचिनदेव ने बताया भगवान श्रीकृष्ण को गेहूं के आटे की पंजीरी के भोग लगाने का उल्लेख स्कंद पुराण के रेवा खंड में मिलता है। ऋषि-मुनियों ने इसे विशेष औषधी के रूप में भक्तों को बीमारियों से बचाने वाला बनाया है। जन्माष्टमी पर भोग लगाए जाने वाली पंजीरी में गेहूं का आटा, गाय का घी, तुलसी पत्ता, काजू, किसमिस, बादाम, छुहारा, धना, सौंठ, काली मिर्च, लेड़ी पीपर समेत इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने वाली अन्य औषधियां डाली जाती हैं। जिनका सीधा संबंध ऋतु परिवर्तन के दौरान होने वाली बीमारियों व संक्रमण से बचाने के लिए होता है। संस्कारधानी के सभी श्रीकृष्ण मंदिरों में ऐसी ही पंजीरी का प्रसाद वितरित किए जाने की परम्परा है। इसके अलावा भगवान को अर्पित हरीरा भी सेहत के लिए अच्छा होता है।

Published on:
26 Aug 2024 12:04 am
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