बारां

लॉकडाउन में हिंसा का ‘संक्रमण’, हर रोज एक घर में हो रहा झगड़ा

लॉकडाउन के चलते घरों में घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। मई माह के लॉकडाउन 3.0 व लॉकडाउन 4.0 के दौरान बीते 27 दिनों से हर रोज पुलिस तक एक मामला घरेलू हिंसा से जुड़ा पहुंच रहा है।
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May 27, 2020
लॉकडाउन में हिंसा का 'संक्रमण', हर रोज एक घर में हो रहा झगड़ा
लॉकडाउन में हिंसा का 'संक्रमण', हर रोज एक घर में हो रहा झगड़ा

बारां. लॉकडाउन के चलते घरों में घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। मई माह के लॉकडाउन 3.0 व लॉकडाउन 4.0 के दौरान बीते 27 दिनों से हर रोज पुलिस तक एक मामला घरेलू हिंसा से जुड़ा पहुंच रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर में महिला थाने पर संचालित महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र पर मई में अब तक 37 परिवाद दर्ज हो चुके हैं। आए दिन लोग छिटपुट घरेलू मामलों को लेकर पुलिस थानों तक पहुंच रहे हैं। अधिकांश मामलों में महिला के साथ हिंसा होने के बाद भी उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई मामले आपसी समझाइश के बाद सुलझ रहे हैं, लेकिन कुछ पुलिस कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटना चाहते तो कुछ अदालत जाने की जिद पर अड़े हैं।
21 परिवारों को मिलाया
महिला सुरक्षा सलाह केन्द्र पर दर्ज हुए 37 प्रकरणों में से करीब 21 प्रकरणों में केन्द्र की काउंसलर एडवोकेट सेहर बानो व सामाजिक कार्यकर्ता सीमा सोनी ने दोनों पक्षों के साथ विभिन्न दौर की चर्चा के बाद समझाइश की। दोनों पक्ष साथ रहने को राजी हुए तथा खुशी-खुशी लौट गए। फॉलोअप में भी झगड़ा नहीं कर साथ रहने पर सहमति दी गई। करीब 14 मामलों में अनबन बनी रही। यह पुलिस व अदालती कार्रवाई पर अड़े हुए हैं।
केस एक
शहर की एक पॉश कॉलोनी के एक मामले में पीडि़ता का कहना था कि पति यूं तो अच्छा बर्ताव करता है, लेकिन शराब का नशा करने के बाद छोटी-छोटी बातों पर गाली-गलौच कर मारपीट पर उतारू हो जाता है। आए दिन की कहासुनी से तंग आकर पुलिस थाने पर दस्तक देना पड़ा।
केस दो
कोटा रोड गुरुद्वारा के समीप की एक पीडि़ता बच्चों के झगड़े से तंग आ गई। जेठ व सास-ससुर आदि एक ही परिसर में रहते हैं। लॉकडाउन के चलते बच्चे घरों से बाहर नहीं जा रहे है तो जेठानी व देवरानी के बच्चों की लड़ाई में घर के बड़ों में झगड़ा हो गया।
केस तीन
शहर की लंका कॉलोनी निवासी एक पीडि़ता पत्नी घरेलू कामों में व्यस्तता के चलते समय नहीं देती। पति का कहना था कि फोन पर बतियाती रहती है। इसी बात को पति ने मारपीट कर दी। मामला थाने के माध्यम से सलाह केन्द्र पर पहुंचा। समझाइश के बाद पत्नी रहने को राजी हुई, लेकिन पति रखने को राजी नहीं हुआ।
-वैसे बहुत अधिक मामले तो नहीं है, लेकिन लॉकडाउन में भी हर रोज घरेलू हिंसा के मामले आ रहे। इन मामलों में सलाह केन्द्र के काउंसलर समझाइश कर रिश्तों की डोर को मजबूत कर रहे है। विवादों में सुलह कराने का प्रयास किया जा रहा है।
-कुसुमलता मीणा, थाना प्रभारी, महिला थाना

Updated on:
27 May 2020 09:23 pm
Published on:
27 May 2020 09:23 pm
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