बारां

कालीसिंध नदी में आए उफान से कोहराम, मुश्किल में फंसे लोग, मदद नहीं मिली तो ड्रम से बनाई नाव

लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। सभी लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने दोपहर में हवाई सर्वेक्षण कर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों के हालात की जानकारी ली।

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Aug 25, 2022
Rajasthan Weather Update: People In Trouble From Flood In Kalisindh River, Made Boat From Drum For Rescue
मदद नहीं मिली तो ड्रम से बनाई नाव

बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखंड के नीमथूर गांव में बाढ़ से घिरे सेना के जवानों ने बुधवार को करीब 81 जनों तथा मांगरोल-अन्ता विधानसभा क्षेत्र के भैरूपुरा, कालूपुरा गांवों से लगभग 203 व बालदड़ा में 133 जनों सहित विभिन्न स्थानों से 517 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। इन सभी लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने दोपहर में हवाई सर्वेक्षण कर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों के हालात की जानकारी ली।

जिला कलक्टर नरेन्द्र गुप्ता व एसपी कल्याणमल मीणा ने मांगरोल-अन्ता विधानसभा क्षेत्र के भैरूपुरा, कालूपुरा व बालदड़ा पहुंच कर हालात का जायजा लिया। इन तीनों गांवों से लगभग 170 लोगों को सुरक्षित निकाला। कलक्टर गुप्ता ने बताया कि सीसवाली क्षेत्र के भैरूपुरा व कालूपुरा गांवों में कालीसिंध नदी का पानी घुसने से बाढ़ जैसे हालात बने। बुधवार शाम से कालीसिंध नदी का उफान कम होने लगा है। दो-तीन दिन में हालात सामान्य होने की उम्मीद है।

81 को निकाला
छीपाबड़ौद क्षेत्र के बाढ़ से घिरे नीमथूर गांव में दो दिन से फंसे लोगों को सुबह सेना के जवानों ने नाव की मदद से बाहर निकाला। यहां 81 लोग फंसे हुए थे। बाद में सेना के अधिकारियों ने इनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के लोग भी मौजूद रहे। नीमथूर में रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद सेना की टुकड़ी वापस लौट गई। कालीसिंध नदी में आए उफान से सीसवाली थाना क्षेत्र के पाटोन्दा गांव में कोहराम मचा हुआ है। जिला कलक्टर नरेन्द्र गुप्ता व पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीणा मौके पर पड़ाव डाल हालात पर निगाह रखे हुए हैं। पाटोंदा गांव पहुंचने के लिए एक खाळ में होकर जाना पड़ता है। यह खाळ पूरे उफान पर है। जबकि गांव के दूसरी ओर कालीसिंध नदी है, जिसका पानी भी गांव में पहुंच गया है। इस गांव में सैकड़ों की संख्या में कच्चे मकान जमींदोज हो गए हैं।

जलस्तर कम होने पर लोगों ने राहत की सांस ली
जिले व झालावाड़ जिले में हुई तेज बारिश से कई बांध लबालब हो गए। पाटोंदा ग्राम पंचायत ने 1500 भोजन के पैकेट बनवा कर गांव में वितरित करवाए। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही खाली ड्रमों पर लोहे की जालियां लगाकर नाव तैयार की। उसके ऊपर भोजन के पैकेट ले जाकर हर मोहल्ले में वितरित किए। जलस्तर कम होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। सरपंच रेणु नंदवाना ने बताया कि गांव में लगभग 350 कच्चे घर गिर चुके हैं। जलस्तर कम होते ही इसका प्रशासन से सर्वे करवाकर लोगों को उचित मुआवजा दिलवाया जाएगा।

जिले में अतिवृष्टि से हुए नुकसान को लेकर अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता। राजस्व व प्रशासनिक अधिकारियों को बारिश से हुए नुकसान का सर्वे करने के आदेश दिए है। जिला प्रशासन की टीमें उन जगहों पर पहुंच रही हैं, जहां हालात बिगड़े हुए हैं।

नरेन्द्र गुप्ता, जिला कलक्टर बारां

Published on:
25 Aug 2022 10:09 am