बारां

मानसून जैसी बरसात से धरतीपुत्रों के चेहरे खिले

इस बार समय पर बरसात आते ही किसानों के चेहरे खिले गये ओर किसानों ने बुवाई करना शुरू कर दिया है।
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Updated: 30 Jun 2022, 9:44 AM IST
HEAVY RAIN IN RAJASTHAN
HEAVY RAIN IN RAJASTHAN:

मांगरोल. इस बार समय पर बरसात होने से खेती किसानी का साल अच्छा बैठने के आस बंधने लगी है। मौसम विभाग अभी मानसून के पूरी तरह सक्रिय नहीं होने का अनुमान बता रहा है। लेकिन क्षेत्र में एक सप्ताह पहले हुई मूसलाधार बरसात के बाद खेतों में बा आने के साथ ही किसानों नें सोयाबीन की बुवाई शुरु कर दी थी।

किसानों को बरसात कि वजह से अच्छी फसल की उम्मीद हो रही है। इक्का दुक्का गांवों को छोड़ कमोबेश सब गांवों में सोयाबीन की बुवाई हो चुकी है।
बुवाई के बाद दाना अंकुरित होने लगा और पानी की जरुरत महसूस हुई तो मंगलवार की शाम से लेकर देर रात तक कहीं रिमझिम तो कहीं मूसलाधार बरसात ने किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी।

पिछले साल अतिवृष्टि के कारण सोयाबीन की अधिकांश फसल खराब गई थी। इससे किसानों का इस फसल से मोहभंग होता। लेकिन मानसून पहले की बरसात ने किसानों का मानस बदल दिया। इस साल पिछले साल से ज्यादा रकबे में सोयाबीन की बुवाई हुई है।

मंगलवार की रात क्षेत्र के रायथल, बोरदा, किशनपुरा, मूंडला, रामपुरा भक्तान, जलोदा तेजाजी, रगसपुरिया व महुआ समेत दो दर्जन गांवों में कहीं मूसलाधार तो कहीं रिमझिम बरसात ने सोयाबीन की फसल में घी का काम किया है। हालांकि कुछेक गांवों में बरसात नहीं हुई लेकिन ऐसे गांवों में ज्यादा खेतों में बुवाई भी नहीं हुई। ऐसे में किसानों को इस बार सोयाबीन की फसल फायदे का सौदा साबित होगी।

रगसपुरिया के दीनदयाल मीणा का कहना था कि मानसून पहले की बरसात किसानों के लिए मुफीद साबित हुई है। मानसून की बरसात होने के आसार भी मौसम विभाग बता रहा है। ऐसे में एक दो दिन में बरसात हुई तो इस बार अच्छी फसल की उम्मीद जगेगी। बुधवार को भी दिनभर बादल छाए रहे।

ठंडी हवाएं चली लेकिन पानी नहीं बरसा। बादल छाए रहने के साथ तापमापी का पारा गिरा तो यह भी खेती के लिए अच्छा साबित हुआ है।

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