
बारां. जिले में डेंगू ही नहीं स्वाइनफ्लू के तेवर भी कम नहीं हैं। हालांकि नवम्बर माह में स्वाइनफ्लू से एक भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है, लेकिन मौसमी बीमारियों के सीजन में स्वाइनफ्लू ने सितम्बर-अक्टूबर माह के दौरान छह लोगों की जान ले ली थी। हालांकि संदिग्ध स्वाइनफ्लू रोगियों के सामने आने का सिलसिला जारी है। पिछले सप्ताह ही यहां जिला चिकित्सालय में एक रोगी की जांच के लिए स्वाब का नमूना लिया गया था। इस वर्ष जनवरी से अब तक जिले में स्वाइनफ्लू के 45 पॉजीटिव रोगी चिन्हित हुए है। इसके अलावा दस रोगियों की उपचार के दौरान मृत्यु हो चुकी है। उक्त आंकड़ों को देखें तो जिले में इस वर्ष स्वाइनफ्लू को लेकर काफी चिन्ताजनक स्थिति है।
Read more ; क्या महिला के साथ डॉक्टर को ऐसा करना चाहिए ...हे राम, मौत के बाद भी उसने कर दिया ऐसा काम,आप भी जानिए हकीकत
ऐसे हावी हो रही बीमारी
जिले में अगस्त माह तक स्वाइनफ्लू से चार जनों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी विभागीय स्तर पर आदेश-निर्देशों की बात कहकर खानापूर्ति की जाती रही। इसके बाद सितम्बर माह में चार ओर लोगों की इसी से जान चली गई, लेकिन लोगों को जागरूक करने के लिए प्रभावी स्तर पर प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। अक्टूबर माह में स्वाइनफ्लू का वायरस दो ओर लोगों को लील गया। इस तरह सितम्बर व अक्टूबर माह में छह जनों की जान चली गई।
& मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। जहां बंद है वहां भी पुन: प्रभावी ढंग से स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। मरीज में स्वाइनफ्लू के लक्षण पाए जाने पर टेमीफ्लू देने के निर्देश दिए हुए हैं। लोगों को जागरूक रहकर सर्दी-जुकाम से बचना चाहिए। निमोनिया होने के बाद मरीज चिकित्सक के पास पहुंचता है तो स्थिति गंभीर रहती है।
डॉ. राजेन्द्र कुमार मीणा, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
मृत्यु हो चुकी है
जिले में स्वाइनफ्लू से छबड़ा निवासी 23 वर्षीय महिला मुमताज, बारां शहर निवासी 48 वर्षीय महिला सरोज जांगिड़, बोहत निवासी 60 वर्षीय वृद्ध, टारड़ीखेड़ा (अन्ता) निवासी 28 वर्षीय महिला, छबड़ा के वार्ड 12 निवासी युवक, फूलबड़ौद गांव निवासी 45 वर्षीय पुरूष, ढोलम (छीपाबड़ौद) निवासी 48 वर्षीय पुरूष, बजरंगगढ़ (किशनगंज) निवासी 21 वर्षीय महिला, पाटून्दा (अन्ता) निवासी 35 वर्षीय महिला व गोरधनपुरा (बारां) निवासी 60 वर्षीय महिला की मृत्यु हो चुकी है।