55 दिन बाद पश्चिम दिशा में उदय होगा शुक्र का तारा, होंगे कई मांगलिक कार्य
बारां. देवउठनी एकादशी के बाद से ही मांगलिक कार्यों के लिए खास माने जाने वाला शुक्र तारा अगले सप्ताह उदय होगा। इससे फिर से मंगल घड़ियों में ढोल-नगाड़े और शहनाइयां बजेंगी। विवाह समारोह सहित अन्य मांगलिक आयोजन होंगे। ज्योतिषविदों के अनुसार करीब 55 दिन बाद 24 नवंबर की रात 12.15 बजे शुक्र का तारा पश्चिम दिशा में उदय होगा। विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन, व्यापार का प्रारंभ, जनेऊ व मुंडन संस्कार होंगे। ज्योतिषाचार्य ओमप्रकाश गौतम ने बताया कि विवाह के लिए शुक्र और गुरु का उदय होना जरूरी है। गुरु जहां मांगलिक कार्यों का कारक ग्रह है। शुक्र को विवाह व भोग विलास का कारक माना गया है। शादी के लिए इसका उदय रहना जरूरी है। उन्होंने बताया कि शुक्र तारे के उदय होने के बाद तीन दिन तक बाल्यत्व दोष होने से शुभ कार्य नहीं होंगे। हालांकि नवंबर, दिसंबर तथा अगले वर्ष जनवरी में महज 20 के आसपास सावे रहेंगे। ऐसे में एकल और सामूहिक विवाह की धूम रहेगी। पहले सावे पर बारां जिले में 200 से अधिक शादियां होंगी। नवंबर व दिसंबर माह में होने वाली शादियों के लिए बाजार में इन दिनों खरीदारी जोरों पर है।
ये रहेंगे सावे
शर्मा ने बताया कि 28 व 29 नवंबर को 10 रेखीय सावा, दो दिसंबर को सात रेखीय, चार को दस रेखीय, सात व आठ दिसंबर को सात रेखीय, 9 को दिवा लग्न छह रेखीय तथा 14 को छह रेखीय सावा रहेगा। 16 दिसंबर से धनु मलमास लगने के कारण 14 जनवरी के बाद ही शुभ कार्य होंगे। ज्योतिषाचार्य राजेश शर्मा ने बताया कि अगले साल 26 जनवरी को विवाह का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।