
सरकारी कार्यालय में तन्ख्वाह के नाम पर लाखों रूपए लेने और काम करने के लिए स्टेपनी आदमी रख लेने का चलन इन दिनों जोरों पर चल रहा है। रोडवेज में स्टेपनी कंडक्टर और चालक का सुनते रहे हैं अब बारां जिले के शिक्षा विभाग में भी ऐसा हो रहा है। कईं स्कूलों में स्टेपनी टीचर काम कर रहे हैं। मुख्य टीचर तो स्कूल हाजिरी देकर चल देते हैं। इनके एवज में कुछ बेरोजगार आकर कक्षाओं में पढ़ा रहे हैं। हाल ही बारां जिले के हरणावदाशाह जी के कोटडापहाडसिंह में पौषाहार बनाने वाला बच्चों को अध्यापक के स्थान पर पढ़ाते मिला। ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी ने कई स्कूलों की निरीक्षण किया तो ज्यादातर में अध्यापक मिले ही नहीं।
अधिकारी का आकस्मिक निरीक्षण
हरनावदाशाहजी. ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी का आकस्मिक निरीक्षण का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। करीब एक दर्जन स्कूलों में किए निरीक्षण में काफी अनियमितताएं सामने आई। कहीं स्कूल बंद मिले तो कहीं पर शिक्षक नदारद। कहीं पोषाहार पकाने वाला बच्चों को पढ़ाते मिला। बीईईओ प्रेमसिंह मीणा ने बताया कि सहजनपुर ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रात: साढ़े 9 बजे तक भी स्कूल की घंटी नहीं बजी। इस दौरान कई शिक्षक अनुपस्थित मिले। जबकि विद्यालय में अद्र्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही है। पोषाहार जांंच के दौरान बच्चों ने बताया कि अब तक दो बार ही फलों का वितरण हुआ। जबकि पोषाहार के दौरान भी 40-50 बच्चों की उपस्थिति रहने की बात ग्रामीणों ने बताई तथा शिक्षकों के नदारद रहने की शिकायत भी की। इस पर उन्होंने पोषाहार रिकॉर्ड जब्त कर लिया। बामणखोह, बंजारा बस्ती बामणखोह, बंजारा बस्ती सहजनपुर के प्राथमिक विद्यालय निरीक्षण में बंद मिले। शिक्षाकर्मी विद्यालय कोटडा पहाड़सिंह में एक शिक्षक अनुपस्थित मिला। यहां पर पोषाहार बनाने वाला बच्चों को पढ़ाते हुए मिला। यहां पर पोषाहार भी नहीं बना। प्राथमिक विद्यालय बैजाजपुर में भी बच्चों का शैक्षिक स्तर कमजोर मिला तो परिसर में सफाई नहीं थी। बच्चों ने बताया कि न तो विद्यालय रोजाना खुलता न ही फलों का वितरण किया जाता।
मोबाइल चलाते मिले
प्रहलादपुरा व रवासियां में शिक्षक मोबाइल चलाते मिले तो रवासियां में पोषाहार भी उपस्थिति की तुलना में कम बनना पाया। प्राथमिक विद्यालय कोटडी में छात्रों का नामांकन कम मिला। जबकि शैक्षिक स्तर में हिंदी अंगे्रजी के ज्ञान का अभाव मिला। विद्यालय के एक शिक्षक के अक्सर दोपहर 12 बजे ही स्कूल से चले जाने की शिकायत मिली। रामगढ़ व बिसलाई गांव में भी दो अध्यापक अनुपस्थित मिले। रामगढ़ में पोषाहार भी विद्यालय के बजाय अन्यत्र बनता मिला। जिसे विद्यालय में बनाने के साथ बच्चों का शैक्षिक स्तर सुधारने के निर्देश दिए। इसके अलावा सूरजपुरा खुर्द में भी शिक्षक नदारद मिला। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में काफी अनियमितताएं सामने आई है।