
बारां. सर, बीमार होने पर उपचार कराने की कहते हैं तो विद्यालय की प्राचार्य व एसएमसी सचिव हेमलता सोनी कहती हैं कि तुम तो घर जाने के लिए नाटक करती हो। यहां दोनों समय खाना भी खाने लायक नहीं मिलता। व्यवस्थाओं में सुधार की बात करने पर पिटाई की जाती है। गत दिनों सचिव सोनी ने एक छात्रा की आचार मांगने पर पिटाई कर दी। बुधवार दोपहर निकटवर्ती बामनहेड़ा स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में रहकर पढ़ाई कर रही कई छात्राओं ने रोते हुए अपनी व्यथा बताई तो दो दिन से क्षेत्र में हो रही मावठ की हल्की बारिश से टपक रही कमरों की छतें व विद्यालय को गांव से जोडऩे वाले कच्चे रास्ते में फैला कीचड़ जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी की हकीकत बयां कर रहा था। ऐसे में माहौल में शैक्षिक गुणवत्ता को लेकर किए दावों का खोखलापन जगजाहिर हो गया। जिले के यह आवासीय विद्यालय शिक्षा मंदिर नहीं जेल खाना ज्यादा लगा। यहां के हालात देख न केवल विभागीय जांच दल, वरन् मीडियाकर्मी भी हैरान रह गए। जबकि यह विद्यालय जिला मुख्यालय से महज 15 किमी दूर है। लम्बे समय से यह विद्यालय अव्यवस्थाओं को लेकर खासा चर्चा में है। जिला कलक्टर डॉ. एसपी सिंह ने भी माना कि इस आवासीय विद्यालय की छात्राएं परेशान हैं, कई अव्यवस्थाएं भी हैं। दोपहर में आरम्भिक रिपोर्ट मिलने के बाद जिला कलक्टर ने विद्यालय की प्राचार्य व एसएमसी सचिव सोनी को एपीओ करने के आदेश जारी कर दिए।
उपचार नहीं यहां डांट व पिटाई मिलती है
बारां. कस्तूरबा आवासीय विद्यालय बामनहेड़ा की छात्रा वर्षा मीणा, करिश्मा व सावित्री ऐरवाल हो या अन्य, सभी अपनी परेशानियां बताते हुए फफकने लगी। इन छात्राओं ने कहा कि यहां मिलने वाले भोजन व पानी से आए दिन उनकी तबीयत खराब रहती है। पेट दर्द से वे बेहाल रहती हैं। उपचार के नाम पर उन्हें विद्यालय की सचिव जो गोली-दवाई देती हैं, खा लेती हैं। उपचार के लिए किसी भी चिकित्सक को नहीं दिखाया जाता, उपचार नहीं यहां डांट व पिटाई मिलती है। कमरों की छतें टपक रही है, इन दिनों सर्दी से बचना बड़ी चुनौती है। स्कूल का रास्ता तो आपने देखा ही है। अब इन परेशानियों से जूझे या करें पढ़ाई, आप ही बताओ। यह पीड़ा सुनाते समय कई छात्राओं की आंखों से आंसू उनकी भोजन की थालियों में गिरते रहे।
सरपंच बोली, बदतर हैं हालात
बामनहेड़ा के ग्राम पंचायत मुख्यालय करनाहेड़ा की सरपंच उषा कुमारी ने कहा कि कई बार इस बारे में शिकायत की है। बच्चियों के साथ गलत व्यवहार किया जाता है। इनके नाम से इतना फंड आता है कि उसका लैस मात्र भी इन पर खर्च नहीं किया जाता। बच्चियों का शोषण हो रहा है और यदि ऐसा ही रहा तो कहां बेटी पढ़ाओ, कहांं बेटी बचाओ। किस काम का है यह शासन और कानून। न अच्छा खाना है और न ही उपचार की व्यवस्था। इन अव्यवस्थाओं के लिए विद्यालय की प्राचार्य व एसएमसी की सचिव हेमलता सोनी जिम्मेदार है।
किसी छात्रा को कोई परेशानी नहीं
जब जांच दल विद्यालय में व्यवस्थाओं की पड़ताल कर रहा था, तब एसएमसी सचिव से पत्रकारों ने बातचीत की। उनका कहना था कि यहां किसी छात्रा को कोई परेशानी नहीं है, उन्हें भड़काया जा रहा है। उपचार के लिए नर्स आती है। वैसे उपचार की जिम्मेदारी स्वास्थ्य प्रभारी शिक्षिका हेमलता मीणा की है। खाने की गुणवत्ता के बारे में पूछने पर सोनी ने बताया कि सामग्री की खरीद के लिए विद्यालय के चंद्रमोहन को जिम्मेदारी सौंपी हुई है, वो बारां की एक दुकान से रसद सामग्री की खरीद करते हैं। कई बार दुकान बदलने को कहा है, लेकिन वे दुकान नहीं बदल रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम चेतना सूत्र के दौरान तय गानों के अलावा राजस्थानी गानों पर नृत्य कराते हैं। फिल्मी गानों पर नृत्य नहीं कराते।
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जुटाई है जानकारी, बनाएंगे रिपोर्ट
आवासीय विद्यालय में जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी राधेश्याम जाट ने कहा कि यहां कई छात्राओं से बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए हैं। विद्यालय की पोषाहार समेत अन्य व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई है। क्षेत्र के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा की है। जल्द ही तथ्यात्मक रिपोर्ट बना जिला कलक्टर को सौंप देंगे। जांच दल में बारां के कोटा रोड स्थित राजकीय सीनियर सैकंडरी स्कूल की प्राचार्य मैना जैन व मिड डे मील के पोषाहार प्रभारी रमेश पंकज भी शामिल थे।
-दोपहर में प्रारम्भिक जानकारी के आधार सम्बन्धित शिक्षा अधिकारी को इस आवासीय विद्यालय की एसएमसी सचिव हेमलता सोनी को एपीओ करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एसपी सिंह, जिला कलक्टर