बारां. राजस्थान हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट की ओर से बुधवार को कृषि विभाग के आत्मा भवन में आयोजित विजिट ऑफ शिप जायका टीम के अधिकारियों ने उत्पादन एवं विपणन गतिविधियों समेत प्रोसेसिंग को लेकर विशेष दिशा निर्देश दिए।
बारां. राजस्थान हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट की ओर से बुधवार को कृषि विभाग के आत्मा भवन में आयोजित विजिट ऑफ शिप जायका टीम के अधिकारियों ने उत्पादन एवं विपणन गतिविधियों समेत प्रोसेसिंग को लेकर विशेष दिशा निर्देश दिए। उन्होंने किसानों के अनुभव भी जाने। कार्यशाला में फल तथा सब्जी ग्रुप के कृषकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में जायका प्रोजेक्ट के राष्ट्रीय सलाहकार डॉ. उमेश बाबू ने कहा कि कृषकों को पुरानी पद्धति से नई पद्धति में लाने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। कृषक बाजार की मांग व समय के अनुरूप यदि उत्पादन करेगा तो वह अधिक से अधिक लाभ ले सकेगा। अभी भी किसानों की मानसिकता पुरानी पद्धति पर होने के कारण नुकसान उठाना पड़ जाता है। हालांकि अब किसानों की मानसिकता बदलने लगी है। अभी यहां शुरुआत है, इसमें किसानों को मार्केटिंग सर्वे व विजिट भी करवाई जाती है। ताकि उनको बाजार की डिमांड तथा विपणन का अनुभव मिल सके। इस दौरान कई किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
मिलता है 75 प्रतिशत अनुदान
जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी की ओर से विभिन्न गतिविधियों पर तथा प्रोसेसिंग यूनिट पर 50 प्रतिशत एवं कृषि विभाग की ओर से 25 प्रतिशत कुल 75 प्रतिशत अनुदान कृषकों के लिए दिया जा रहा है।
कई अ धिकारी रहे मौजूद
विजिट ऑफ शिप जायका टीम कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि जापान के सेफ ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर ताकारियो ताकाजाकी, जयपुर से जल संसाधन विभाग के उपनिदेशक पी.के. शर्मा, उप निदेशक उद्यान पन्ना लाल जाट, उपनिदेशक आईसीडीसी विजयलक्ष्मी चोटिया तथा कोटा उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. पी. के. सिंह, बारां संयुक्त निदेशक कृषि अतीश कुमार शर्मा, उद्यान विभाग के उपनिदेशक नंद बिहारी मालव तथा सहायक निदेशक हरचंदा राम मीणा भी मौजूद रहे।