बारां. शहर के प्रकृति प्रेमियों को अब सौगात मिल सकती है। दरअसल, किशनगंज रोड स्थित संबलपुर गांव के निकट सरस डेयरी के सामने खेरखेड़ी के जंगल में नया ऑक्सीजोन विकसित करने की विपुल संभावनाएं हैं। खास बात इस भूमि को ईको टूरिज्म की तर्ज पर विकसित किया जा सकता है। वन विभाग ने आारम्भिक तौर पर इस वन भूमि पर वॉकिंग ट्रेल बना दिया है।
बारां. शहर के प्रकृति प्रेमियों को अब सौगात मिल सकती है। दरअसल, किशनगंज रोड स्थित संबलपुर गांव के निकट सरस डेयरी के सामने खेरखेड़ी के जंगल में नया ऑक्सीजोन विकसित करने की विपुल संभावनाएं हैं। खास बात इस भूमि को ईको टूरिज्म की तर्ज पर विकसित किया जा सकता है। वन विभाग ने आारम्भिक तौर पर इस वन भूमि पर वॉकिंग ट्रेल बना दिया है। इस ट्रेल से शुद्ध प्राणवायु लेने वाले लोगों में इसके विकास की उम्मीद जगी है। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार खेरखेड़ी में विभाग की 17 हैक्टेयर (106 बीघा) जमीन है। यहां बड़ी मात्रा में जंगली बबूल समेत अन्य कई प्रजातियों के पेड़, पौधे हैं। अगर इस योजना को मूर्तरूप मिलता है तो शहर से थोड़ी ही दूरी (करीब छह किमी) पर लोगों को शान्ति व चैन नसीब हो सकेगा। इनके अलावा इसे शहरी वन के रूप में विकसित होने से यहां लोगों की आवाजाही बढ़ सकेगी, खास बात तो यह होगी बारां से होकर गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से गुजरने वाले चारपहिया सवार यहां सुकून के दो पल बिता सकेंगे। इससे उन्हें लम्बे सफर की थकान और ऊब मिटाने का अवसर मिल सकेगा।
बारां शहर वालों के लिए होगा ऑक्सीजोन
यहां का शहरी वन बारां शहर से नजदीक होने के कारण लोगों के लिए ऑक्सीजोन साबित होगा। लोगों के उत्तम स्वास्थ्य के दृष्टिगत वन विभाग के अधिकारी अब ऐसे पौधे लगाने की योजना बना रहे हैं, जो सेहत के लिए मुफीद हों। वर्तमान में इस जंगल में हिंगोट, बबूल आदि प्रजातियों के वृक्ष हैं। इनमें बबूल प्रजाति के वृक्ष हटाने के बाद स्वास्थ्य की दृष्टि के साथ ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाने की भी योजना है।
सरस डेयरी प्लांट कर सकता है इसमें मदद
यह क्षेत्र संबलपुर गांव के सामने सरस का डेयरी प्लांट है। ऐसे में बारां जिला दुग्ध उत्पादन संघ भी इसे विकसित करने के लिए बड़ी राशि उपलब्ध करा सकता है। इसके अलावा जनप्रतिनिधि उनके विकास कोष से धनराशि दे सकते हैं। शहरी वन के रूप में विकसित होने वाला यह पहला बड़ा स्थल बन सकता है।
करेंगे हरसंभव मदद का प्रयास
-सरस प्लांट के सामने बड़ा जंगल है, इसे शहरी वन के रूप में विकसित किया जाता है तो बारां शहर समेत आसपास के गांवों के नागरिकों को बड़ी सौगात मिलेगी। इसके विकास के लिए डेयरी स्तर पर क्या किया जा सकता है, इस बारे में अधिकारियों से चर्चा के बाद जनप्रतिनिधियों की सलाह ली जाएगी। डेयरी की ओर से मदद उपलब्ध कराने के हरसंभव प्रयास करेंगे।
प्रदीप काबरा, अध्यक्ष बारां जिला सरस डेयरी संघ
विभाग तैयार, मदद का इंतजार
-संबलपुर के निकट शहरी वन क्षेत्र विकसित होना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं होगा। विभागीय स्तर पर वॉक ट्रेल का निर्माण करा दिया गया है। अन्य कार्य जनप्रतिनिधियों के आर्थिक सहयोग से कराने के प्रयास शुरू किए है। बारां शहर के नजदीक यह पहला ऑक्सीजोन बन सकता है। प्रारम्भिक आकलन के अनुसार इस पर लगभग पांच करोड़ रुपए के व्यय का अनुमान है।
दीपक कुमार गुप्ता, उपवन संरक्षक बारां