सर्वे के दौरान निविदा शर्तो के तहत कार्य आदेश के मुताबिक किए जाने वाले कार्य की पूरी योजना संवेदक के स्तर पर तैयार की जाएगी।
कार्यादेश के बाद सर्वे शुरू, 2027 अंत तक पूरा करेंगे
बारां. हाड़ौती के तीन जिलों के लिए जीवनदायनी के रूप में विकसित की जा रही परवन अकावद पेयजल परियोजना का यों तो काफी काम पूरा हो चुका है। फिर भी सिंचाई ओर नल से घरों तक पेयजल पहुंचाने के लिए अभी एक साल से अधिक का इंतजार और करना होगा। परवन बांध का निर्माण कार्य करीब 90 फीसदी हो गया है, लेकिन डैम के दोनों ओर कैनाल समेत सिंचाई संबंधी विभिन्न कार्य होना शेष है। यह कार्य जल संसाधान विभाग की ओर से कराया जा रहा है। इसके साथ ही जलदाय विभाग की ओर से घरों तक पेयजल आपूर्ति के लिए लम्बी प्रक्रिया के बाद टैंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अलग-अलग पैकेजवार कार्यादेश भी जारी कर दिए गए है, लेकिन इसके लिए भी दिसंबर 2027 तक (20 माह) की अवधि तय की गई है।
साढ़े नौ हजार किमी बिछेगी लाइन
सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना के कार्यादेश जारी कर दिए हैं। इनसे कोटा, झालावाड़ और बारां जिलों के लाखों लोगों को शुद्ध पेयजल प्राप्त होगा। करीब 1.52 लाख परिवारों को नल से जल कनेक्शन देकर लाभांवित किया जाएगा। इसके तहत राईजिंग मेन क्लस्टर वितरण एवं ग्रामीण वितरण पाइप लाइन 9477 किमी (6789 किमी बारां जिले के लिए और 2688 किमी कोटा एवं झालावाड़ जिले में बिछाई जाएगी।सर्वे में होगा प्लान तैयारयोजना से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चत करने के लिए कार्य आदेश मिलने के बाद अब संवेदक कम्पनी ने क्षेत्र में सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के दौरान निविदा शर्तो के तहत कार्य आदेश के मुताबिक किए जाने वाले कार्य की पूरी योजना संवेदक के स्तर पर तैयार की जाएगी। कम्पनी के इंजीनियर पंप हाउस, टंकी निर्माण, इंटैकवैल निर्माण, पाइप लाइन बिछाने आदि का मौका स्थिति देखकर अवलोकन कर कार्ययोजना तैयार करने में जुट गए है।
12 दिसंबंर को हुए एमओयू
सरकार की ओर से 5 दिसंबर को पैकेज-4 और पैकेज-5 का कार्य आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद 12 दिसंबर को परवन-अकावद जलापूर्ति परियोजना (पैकेज-4) के तहत परवन बांध से झालावाड़, बारां और कोटा जिले के तहसील छबड़ा, छीपाबड़ौद एवं अटरू की क्लस्टर वितरण प्रणाली के निष्पादन, परीक्षण एवं कमीशनिंग के लिए फर्म जेडब्ल्यूआईएल इन्फ्रा लिमिटेड, जिंदल, नई दिल्ली के साथ 25 लाख रुपए के स्टाम्प पेपर पर संविदा अनुबंध किया गया। इसके बाद बारां जिले की तहसील अंता, बारां, किशनगंज एवं शाहबाद व निकटवर्ती क्षेत्रों की क्लस्टर पैकेज योजना का निष्पादन, परीक्षण एवं कमीशनिंग कार्य, जिसमें स्काडा, सडक़ क्रॉसिंग, विद्युत लाइन, वन स्वीकृति, भूमि अर्जन, क्लस्टर पंप हाउस एवं 10 वर्ष का संचालन एवं संधारण (ओएण्डएम) समेत (पैकेज-5) के लिए एमओयू किया गया।
-योजना के तहत अब पेयजलापूर्ति के लिए सभी पैकेज के लिए संवेदक फर्मों के साथ एमओयू कर लिया गया है। बारां जिले में संवेदक फर्म की ओर से सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे बारां समेत, कोटा व झालावाड़ जिले के लोगों को पेयजल उपलब्ध होगा।
-राजीव सिंघल, अधिशासी अभियंता (परियोजना-बारां डिवीजन)