बारां

रंग लाई पहल : सात साल इंतजार के बाद सैकुड़ के स्कूल को मिला खेल का मैदान

प्रशासन ने पीछे की साइड में जेसीबी की मदद से खाई खुदवाकर सीमांकन कर अंदर का अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया।

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Aug 19, 2025
source patrika photo

राजस्थान पत्रिका ने समय-समय पर उठाया था मुद्दा

हरनावदाशाहजी. करीब सात साल से प्रशासन की कार्रवाई एवं सुपुर्दगी की बांट जोह रहा सैकुड स्कूल का खेल मैदान मंगलवार को आखिर स्कूल को मिल ही गया। तहसीलदार सुरेंद्र की अगुवाई में सारथल थानाधिकारी गिर्राज ङ्क्षसह एवं पुलिस जाप्ते की मौजूदगी में खेल मैदान पर पीला पंजा की कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण बुहार कर स्कूल को सुपुर्द किया। उल्लेखनीय है कि ’’स्कूल के खेल मैदान की सात साल बाद भी नही हो सकी सुपुर्दगी ’’ शीर्षक से 2 जुलाई 25 के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।

राजस्व विभाग की टीम ने हटाया अतिक्रमण

मंगलवार को पुलिस लवाजमे के साथ पंहुची राजस्व विभाग की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान अतिक्रमियों के विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन थानाधिकारी गिर्राज की समझाइश के बाद कार्रवाई पूरी हो सकी। प्रशासन ने पीछे की साइड में जेसीबी की मदद से खाई खुदवाकर सीमांकन कर अंदर का अतिक्रमण ध्वस्त कर दिया। सैकुड गांव मे राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के निकट खाली पडी गैर मुमकिन पहाड क्षेत्र की करीब पांच बीघा भूमि का आवंटन ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2018 में तत्कालीन जिला कलक्टर ने स्कूल उपयोग एवं खेल मैदान के लिए किया था। लेकिन राजस्व विभाग की कथित अनदेखी के कारण आवंटित भूमि स्कूल को नही मिली। इसको लेकर विद्यालय प्रशासन समेत ग्रामीणों द्वारा बडी संख्या में पत्र लिखे गए एवं शिविरों में भी आवंटन की सुपुर्दगी को लेकर मांग की गई लेकिन प्रभावी कार्रवाई के अभाव में मामला जहां का तहां अटका हुआ था। विद्यालय से सटे इस भूभाग में गांव के ही कुछ लोगों ने तीर फेंङ्क्षसग करके कब्जा जमा रखा था। जिनको बेदखल करने में प्रशासन को पसीने छूट रहे थे।

Published on:
19 Aug 2025 10:39 pm
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