बारां. जिले की तीन बड़ी सिंचाई परियोजनाओं की जापानी मदद से कायापलट करने को लेकर काम शुरू होने में अब देरी होगी।
बारां. जिले की तीन बड़ी सिंचाई परियोजनाओं की जापानी मदद से कायापलट करने को लेकर काम शुरू होने में अब देरी होगी। करीब ६३ करोड़ की लागत से इन परियोजनाओं के लिए टैंडर प्रक्रिया की गई लेकिन केवल एक परियोजना का निर्माण शुरू करने की ही राह खुली है, शेष दो बड़ी परियोजनाओं के लिए किए गए टैंडर को ऊपर से हरी झंडी नहीं मिली। अब दोबारा टैंडर होंगे। इन परियोजनाओं में किशनगंज-भंवरगढ़ की विलास समेत अटरू क्षेत्र की शेरगढ़ परवन पिकअप वियर व मांगरोल क्षेत्र की गणेशगंज लिफ्ट सिंचाई परियाजना शामिल है।
दरें ज्यादा, नहीं हुई स्वीकृत
जल संसाधन विभाग के सूत्रों के अनुसार पिछले महीनों विभाग की ओर से उक्त तीनों परियोजनाओं के लिए टैंडर प्रक्रिया की गई थी। इनमें से विलास सिंचाई परियोजना व शेरगढ़ परवन पिकअप वियर परियोजना के लिए जो टैंडर हुए, उनमें रेट ज्यादा आई। ऐसे में उच्च स्तर से इनकी एपु्रवल नहीं मिली। अब पूरी टैंडर प्रक्रिया दोबारा होगी। इसके तहत पहले टेक्निकल बिड व उसके बाद फाइनेंसियल बिड खोली जाएगी। फिर टैंडर ऊपर भेजे जाएंगे। सारी प्रक्रिया अप्रेल तक पूरी होने की उम्मीद है।
गणेशगंज के कार्यादेश जारी
गणेशगंज लिफ्ट सिंचाई परियाजना के टैंडर एुप्रव हो गए हैं। साथ ही कार्यादेश भी जारी कर दिए गए हैं। विभाग सूत्रों का कहना है कि अभी नहरों में जलप्रवाह चल रहा है। नहरें बंद होने के बाद काम शुरू हो जाएगा। करीब साढ़े २२ करोड़ की लागत से गणेशगंज परियोजना के पम्प हाउस की तीन मोटरें बदली जाएंगी। इसके साथ ही नहरों का भी नवीनीकरण होगा।
१९८० में स्वीकृत विलास सिंचाई परियोजना १९९६ में पूरी हुई थी। परियोजना का हैड भंवरगढ़ क्षेत्र व टेल रानीबड़ौद तक है। नहरें कम चौड़ी व कम गहरी होने से अधिक मात्रा में जलप्रवाह नहीं हो पाता। ऐसे में एक रोटेशन पूरा होने तक टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता और वापस दूसरा रोटेशन शुरू हो जाता है। अंतिम छोर आते-आते तो नहर का अस्तित्व ही खत्म है। साढ़े १७ करोड़ से विलास सिंचाई परियोजना का नवीनीकरण होगा। इसमें विलास डेम की मरम्मत के साथ नहरों का नवीनीकरण होगा। इसके बाद अंतिम छोर तक पानी पहुंच सकेगा, लेकिन अभी काफी इंतजार करना होगा।