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Baran Shutdown: बारां बंद आह्वान के दौरान हुआ विरोध प्रदर्शन, 72 घंटे में मांगे पूरी नहीं होने पर दी चेतावनी

Baran Trade Federation Protest: व्यापारियों ने बारां के भूरा लाल जी धर्मशाला में एकत्रित होकर विरोध जुलूस निकाला। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए प्रताप चौक पहुंचा, जहां एक सभा आयोजित हुई।

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baran shutdown today

फोटो: पत्रिका

Protest Against Crime In Baran: बारां में कांच व्यापारी के अपहरण और फिरौती मामले, साथ ही शहर में बढ़ती अपराधी गतिविधियों के विरोध में व्यापार महासंघ ने आज बारां बंद का आह्वान किया। इस दौरान आवश्यक सेवाओं और ठेला व्यवसायियों को बंद से अलग रखा गया।

विरोध प्रदर्शन करते हुए निकाला जुलूस

व्यापारियों ने बारां के भूरा लाल जी धर्मशाला में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करते हुए जुलूस निकाला। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए प्रताप चौक पहुंचा, जहां एक सभा आयोजित की गई। इस सभा को व्यापारिक पदाधिकारियों ने संबोधित किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

व्यापार महासंघ ने सौंपा ज्ञापन

व्यापार महासंघ ने पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें 24 अप्रेल को हुए कांच व्यापारी सतीश गौड़ के अपहरण और फिरौती मामले की कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन में बताया गया कि व्यापारी को बंदूक की नोक पर अपहरण कर बुरी तरह पीटा गया, न्यूड वीडियो बनाकर जान से मारने की धमकी दी गई और परिवार से एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। अगले दिन 14 लाख रुपये की फिरौती लेकर व्यापारी को छोड़ा।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि शहर में स्मैक, गांजा जैसे नशे के सामान खुलेआम बिक रहे हैं, और सट्टा व जुआ भी आम हो चुका है। इसके अलावा, चोरी की घटनाओं का कोई खुलासा नहीं हो रहा, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। व्यापार महासंघ ने आरोप लगाया कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने में नाकाम रही है, जिससे नागरिकों और व्यापारियों में भय का माहौल बना हुआ है।

ये है व्यापार महासंघ की मांगें

व्यापार महासंघ ने अपराधियों के अवैध अतिक्रमण और निर्माण की जांच कर बुलडोजर कार्रवाई करने की मांग की । इसके साथ ही पीड़ित परिवार से वसूल की गई फिरौती राशि वापस दिलाने की भी मांग की गई ।

72 घंटे का दिया अल्टीमेटम

व्यापार महासंघ ने पुलिस प्रशासन को 72 घंटे का समय दिया है। यदि पुलिस प्रशासन ने इस दौरान अपनी मांगें पूरी नहीं क तो व्यापार महासंघ उग्र कार्रवाई करने के लिए विवश होगा। इसकी जिम्मेदारी पुलिस और जिला प्रशासन की होगी।