
सातवें वेतनमान को जनवरी 2016 से लागू करने सहित कई अन्य मांगों को लेकर गुरूजी खासे नाराज हैं। गुरूजी अब सरकार पर बरस रहे हैं। कभी नेताओं को ज्ञापन देकर तो कभी आक्रोश रैली निकाल कर। आक्रोश रैली में तो गुरूजी इतने भड़के कि सरकार को बेईमान करार दे दिया। इतना ही नहीं गुरूजी ने कहा कि यह सरकार पहले वादा करती है फिर खुद ही मुकर जाती है। काम ऐसा करती है कि कोहनी पर गुड़ लगाती है। जो ना खाया जा सकता है ना निगला जा सकता है। बस देख-देख कर ललचाया जा सकता है। अब ऐसी सरकार को नहीं चलने दिया जाएगा। मांगें नहीं मानी तो सभी शिक्षक मिलकर उग्र आन्दोलन करेंगे। इससे पहले बारां में
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रांतव्यापी आंदोलन के तृतीय चरण में संभाग संगठन मंत्री त्रिलोक शर्मा व जिलाध्यक्ष महावीर मीणा के नेतृत्व में सातवां वेतनमान जनवरी 2016 से लागू करवाने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बारां में शिक्षकों ने रैली निकालकर कलक्ट्री कार्यालय पर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने इस दौरान आक्रोश जताया और जमकर नारेबाजी की। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव के नाम पांच सूत्री मांग पत्र का ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौपा। जिलामंत्री बृजगोविंद टेलर ने बताया कि रैली श्रीराम स्टेडियम से रवाना होकर प्रताप चौक, दीनदयाल पार्क, खजूरपूरा तिराहा, चारमूर्ति चौराहा होते हुए कलेक्ट्री कार्यालय पर पहुंची। शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । रैली निकालते समय शिक्षक सातवां वेतनमान लागू करो, पीपीपी मोड बंद करो, के नारे लगा रहे थे तथा तख्तियां व बैनर हाथों में लेकर चल रहे थे। रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश स्वर्णकार ने कहा कि सरकार ने शिक्षक कर्मचारियों के साथ छलावा करते हुए सातवां वेतनमान आधा.अधूरा दिया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शिक्षकों की जायज मांगों को नहीं माना तो संगठन भविष्य में उग्र आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा। रैली में जिला सभाध्यक्ष गिरिराज नागर, जिला मंत्री बृजगोविंद टेलर, जिला उपाध्यक्ष नाथू लाल नागर,विपिन जैन, शिवदान सिंह मीणा, बृजेंद्र बहादुर सिंह,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकिशन नागर, अध्यक्ष राजेंद्र गोचर, मंत्री महावीर मालव, गायत्री गोरिया, अनुराधा शर्मा, शमीम बानो सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद थे।