
हालात यह है कि 106 ईटीएम में से मात्र 71 ही चालू हैं। वे सभी सही तरह से काम नहीं करती हैं। कभी-कभी उक्त मशीनें भी काम करते-करते बंद हो जाती हैं।
बारां डिपो के अधीन बसों में सफर करने वाले यात्रियों का टिकट ईटीएम से काटा जाता है। इसके लिए मुख्यालय से 2012 में 106 मशीनें आई थी। ये मशीनें यात्रियों का टिकट तो काटती है। साथ ही बसों की लोकेशन भी बताती हैं। यही नहीं कंडक्टर ने दिनभर में कितने टिकट काटे हैं। उसका हिसाब भी एक ही बटन दबाते बता देती हैं। राजस्व जमा करते समय कंडक्टरों को लम्बा चौड़ा हिसाब किताब भी नहीं करना पड़ता है। न ही कार्यालय कर्मचारियों को ज्यादा कागजी कार्रवाई करनी पड़ती है लेकिन वर्तमान में उक्त मशीनें पुरानी हो गई हैं। 106 में से 34 मशीनें बंद हो गई है। जिसे सही कराने के लिए जयपुर भेज रखा है। 71 मशीनों को जैसे-तैसे चालू करके काम चलाया जा रहा है। कई बार मशीनें भी चलती बस में बंद हो जाती है। कई बार यात्रियों को टिकट बुक से टिक काटना पड़ता है।
-- -बारां रोडवेज डिपो के पास 106 ईटीएम मशीनें हैं लेकिन सभी मशीनें खराब हैं। 71 मशीनों को जैसे-तैसे सही करके काम चलाया जा रहा है। शेष बंद पड़ी है। इन्हें जयपुर भेजा गया है।
हरिचरण सिंह, चालक-कंडक्टर मुख्य समय पालक, रोडवेज डिपो, बारां
पांच तरह की रखनी पड़ती टिकट बुकै
।यात्रियों का टिकट काटने के लिए कंडक्टरों को पांच तरह की बुक रखनी पड़ती है। 30 रुपए का टिकट काटने, 31 से 75 व 76 रुपए से अधिक का टिकट काटने के लिए अलग से टिकट बुक रखनी पड़ती है। यही नहीं है कि कंसेक्शन व नि:शुल्क यात्रियों का टिकट काटने के लिए अलग से बुक रखनी पड़ती है।
10 मशीनों की बैट्रियां खराब
71 में से 20 मशीनें ऐसीे हैं, जो कंप्यूटर से कनेक्ट नहीं होती हैं। ऐसे में उक्त मशीनों को खोलकर कनेक्ट किया जाता है। इसके बाद हिसाब निकाला जाता है। 10 मशीनों की बैट्रियां खराब हैं। उन्हें चार्ज भी दूसरी मशीनों की बैट्रियां से करना पड़ता है। बाकी कुछ मशीनों के की-बॉर्ड खराब हैं। टिकट भी साफ नहीं निकलते हैं, जिसे यात्री पढ़ भी नहीं सकता है। वर्तमान में लगभग सभी मशीनें लोकेशन बताने में असमर्थ है। एक मशीन गुम हो गई है। इस संंबंध में थाने में मामला दर्ज है।