
नगर परिषद के दो वार्ड में चुनाव हो रहे हैं लेकिन अंदरूनी चालें ऐसी चल रही हैं जैसे धनकुबेर की गद्धी पर कब्जा करना हो। दोनों ही दल सियासी चालों से लोगों को हैरान कर रहे हैं। दर असल इन दो वार्ड की नगर परिषद अध्यक्ष चुनने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पूर्व अध्यक्ष की मृत्यु से बारां नगर परिषद के दो वार्ड में उप चुनाव हो रहे हैं।
यह है बारां नगर परिषद में वर्तमान स्थिति
बारां नगरपरिषद के45 वार्डों के लिए हुए चुनावों में भाजपा को 21, कांग्रेस को 23 सीटें मिली थी जबकि निर्दलीय प्रत्याशी को एक स्थान पर जीत मिली थी। निर्दलीय जीती रितु जैन ने उसी समय कांगे्रस की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। ऐसे में कांग्रेसी पार्षदों की संख्या २४ हो गई थी। इसके बाद पिछले महीनों कांग्रेस की एक महिला पार्षद ज्योति ने सरकारी नौकरी में चयन होने से इस्तीफा दे दिया था। सितम्बर माह मेें वार्ड 38 से पार्षद एवं सभापति प्रेमशंकर सांखला का निधन हो गया। इसके बाद अब कांगे्रसी पार्षदों की संख्या 22 रह गई है।
राजनीतिक सरगर्मियां शुरू
बारां. अगस्त 2015 में शहर की सरकार के चुनावों के सवा दो साल बाद अब फिर उपचुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां शुरू हो गई है। कहने को तो रिक्त केवल दो वार्डों के लिए उपचुनाव हो रहे हैं, लेकिन नगर परिषद बोर्ड की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर इन उपचुनावों के खासे मायने हैं, इन उपचुनावों के बाद ही सभापति की कुर्सी पर कौनसा दल काबिज होगा, यह साफ हो जाएगा। इतना ही नहीं विधानसभा चुनावों से ठीक एक साल पहले जिला मुख्यालय की इस संस्था के उपचुनावों को दोनों दलों की 'ताकतÓ से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इसी के चलते दोनों दलों की ओर से उपचुनावों को लेकर रणनीतियां बनाई जा रही है।
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दोनों दलों की परीक्षा
यह उपचुनाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे दोनों दलों की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। 2015 में चुनावों के बाद सभापति एवं उपसभापति के चुनाव के समय कई प्रयासों के बावजूद भाजपा को कांग्रेस के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी थी। अब भाजपा के पास उस समय की हार का बदला चुकाने का मौका है तो इधर, कांग्रेस को कम हुई अपनी दो सीटें फिर अपनी झोली में लाने की परीक्षा देनी पड़ेगी। मौजूदा समय में43 सीटों में से 21 भाजपा व 22 कांग्रेस की है। दो सीटों पर जो भी दल जीत दर्ज करेगा, उस अनुसार बोर्ड में उलटफेर की संभावनाएं भी हैं क्योंकि केवल दो पार्षदों के ही चुनाव नहीं, सभापति का चुनाव भी होना है।
सभापति के चुनाव 20 को होंगे
गत दिनों नामांकन दाखिल करने, नाम वापसी के बाद दोनों वार्डों की चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। अब आगामी 17 दिसम्बर को मतदान होना है। 19 दिसम्बर को मतगणना होगी। इसके ठीक एक दिन बाद सभापति का चुनाव होगा। सितम्बर माह में सभापति के निधन के बाद यह कुर्सी खाली हो गई थी। इसके कुछ दिनों बाद से उपसभापति कमल राठौर सभापति के दायित्व व शक्तियों का निर्वहन कर रहे हैं। 20 दिसम्बर को सभापति के चुनाव के साथ कुर्सी पर स्थाई रूप से कौन काबिज होगा, तस्वीर स्पष्ट होगी।
3545 मतदाता चुनेंगे दो पार्षद
दो वार्डों में उपचुनाव में कुल 3545 मतदाता मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वार्ड 11 में कुल1744 एवं वार्ड38 में कुल 1801 मतदाता हैं। दोनों वार्डों में निर्वाचन विभाग की ओर से दो-दो मतदान केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। शनिवार को चुनाव चिन्हों का आवंटन कर दिया गया।