दोनों डोज जरूरी, जिले में अब तक 40 फीसदी को ही दूसरी डोज
बारां. कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने पर और अधिक जोर दिया जा रहा है। सरकार मांग के मुताबिक वैक्सीन देने को पूरी तरह तैयार है। आवश्यकतानुसार वैक्सीन भी आवंटित की जा रही है, लेकिन संक्रमण को सुस्त होते देख लोग भी वैक्सीनेशन को लेकर सुस्ती बरतने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों से लोग दीपावली की तैयारियों में जुटे हुए हैं। किसान खेती बाड़ी में व्यस्त हैं। इससे वैक्सीन का स्टॉक जमा होता जा रहा है। यहां जिला मुख्यालय स्थित वैक्सीन स्टोर में करीब एक लाख 40 हजार डोज का स्टॉक जमा है। स्थिति यह है कि स्वास्थ्य विभाग के वैक्सीनेशन कर्मचारियों को वैक्सीन लगाने के लिए लोगों का इंतजार करना पड़ रहा है। जबकि सितम्बर माह के दूसरे पखवाड़े तक लोगों को वैक्सीन के लिए इंतजार करना पड़ रहा था। सितम्बर के प्रथम पखवाड़े में करीब एक लाख से अधिक वैक्सीन मिली थी, लेकिन लोगों में उत्साह के चलते 18 सितम्बर तक भंडार खाली हो गया था तथा एक सप्ताह तक राज्य स्तर से वैक्सीन नहीं मिली थी।
इस तरह प्रभावित
पिछले कुछ दिनों से कोरोना वायरस कमजोर नजर आने से पूरी तरह से सभी गतिविधियों को अनलॉक कर दिया गया तो लोग दूसरी डोज के लिए उदासीनता बरतने लगे थे। साथ ही लोग कोरोनाकाल में बेरोजगारी समेत अन्य प्रभाव से उबरने पर ध्यान देने लगे। अब त्योहारी सीजन से उम्मीद बंधी है। इससे लोग त्योहार की तैयारियों में जुटे हुए हंै। किसान रबी फसल की तैयारी में लगे हुए है। इससे भी वैक्सीनेशन कार्य खासा प्रभावित हो रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए वैक्सीनेशन साइटो पर तैनात टीमों को सुबह के समय घरों पर पहुंचने को कहा जा रहा है। लोग सुबह के समय काम के लिए घरों से निकल जाते है। इससे टीमें सुबह के समय भी घरों पर दस्तक दे रही है। इसके अलावा लोगों को फोनकर बुलाया जा रहा है।
साइट खूब बनाई, लेकिन काम नहीं आई
जिले में एक नवम्बर को भी 16 5 सेशन साइट बनाई गई थी। इनमें से अकेले अन्ता ब्लॉक में 32 तथा छीपाबड़ौद व छबड़ा क्षेत्र में 25 -25 गांवों में सेशन साइट तय की गई थी। इन 16 5 सेशन साइटों पर एक दिन में 33 हजार 9 सौ वैक्सीन लगाई जानी थी, लेकिन मात्र 136 7 लोग ही पहली डोज लगाने पहुंचे। दूसरी डोज लगवाने के लिए भी विशेष उत्साह नहीं रहा। मात्र 356 8 लोगों को ही दूसरी डोज लगाई गई। इस तरह 33 हजार 9 सौ के लक्ष्य में से 4935 डोज ही लगी।
एक नवम्बर तक वैक्सीनेशन की स्थिति
प्रथम डोज 756100
दूसरी डोज 304490
18 प्लस 562068
45 प्लस 465328
ड्यू डोज 180000
डोज का लक्ष्य 918000
त्योहार व खेती के सीजन का खासा असर है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन बहुत कम पहुंच रहे है। एक नवम्बर को 33 हजार डोज लगाने का लक्ष्य तय कर 16 5 साइट बनाई गई थी, लेकिन 5 हजार डोज ही लगी।
डॉ. सम्पतराज नागर, सीएमएचओ