बारां

जब मास्टर जी देंगे परीक्षा, तब होगा पप्पु पास… परीक्षा में फेल हो गए तो पप्पु तो सेफ रहेगा लेकिन ..

इतना ही नहीं यदि मास्टरजी परीक्षा में फेल हो गए तो पप्पु तो सेफ रहेगा लेकिन मास्टरजी की नौकरी पर तलवार लटक जाएगी
2 min read
• •
Updated: 12 Dec 2017, 8:06 PM IST
Government education system in rajasthan,schools in rajasthan,primery school paitern in govt school in rajasthan,exam paitern for teachers in rajasthan,exam paitern for teachers in baran,siqe paitern for teachers,siqe paitern exam in baran, rajasthan patrika, baran patrika, latest news in baran
teachers exam

अब पप्पु तभी पास हो पाएगा जब मास्टर जी परीक्षा में पास होंगे। मास्टरजी को भी अब बोर्ड परीक्षा के माफिक कठिन परीक्षा से गुजरना पडेगा। इतना ही नहीं यदि मास्टरजी परीक्षा में फेल हो गए तो पप्पु तो सेफ रहेगा लेकिन मास्टरजी की नौकरी पर तलवार लटक जाएगी। दरअसल बारां के सरकारी स्कूलों मेें कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों के गिरते शैक्षणिक स्तर को सुधारने के लिए अब अध्यापकों व संस्था प्रधानों को भी परीक्षा से गुजरना पड़ेगा। वह बच्चों को क्या दे सकते हैं इसके लिए बाकायदा उनकी लिखित परीक्षा व साक्षात्कार होना शुरू हो गया है। हाल ही में शिक्षा विभाग माध्यमिक ने आठ स्कूलों के संस्था प्रधानों व दो-दो अध्यापकों का एसआईक्यूई पैटर्न से संबंधित साक्षात्कार लिया है। सभी दस्तावेजों को बीकानेर निदेशालय (आईएएसई) व अजमेर आईएएसई भेजा है।

एसआईक्यूई पद्धति सेसाक्षात्कार

जिला समर्थन अध्यता रामजी लाल शर्मा ने बताया कि जिले में 277 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूल हैं। इनमें से कई स्कूलों में कक्षा एक से पांचवीं तक कक्षाएं संचालित होती हैं। इन कक्षाओं का संचालन एसआईक्यूई पद्धति से होता है। बीकानेर निदेशालय (आईएएसई) व अजमेर आईएएसई का इन कक्षाओं के बच्चों का शैक्षणिक स्तर ज्यादा बेहतर बनाने की मंशा है, जिससे बच्चों का विकास हो सके। इसके तहत शिक्षा विभाग ने हाल ही में आठ उच्च माध्यमिक स्कूलों के संस्था प्रधानों व 2-2 अध्यापकों की एसआईक्यूई पद्धति से संबंधित साक्षात्कार लिया। यह साक्षात्कार जिले के चार संदर्भ व्यक्तियों ने लिया। इनमें डाइट के लेक्चरर, प्रधानाचार्य व वरिष्ठ अध्यापक शामिल हैं। संस्था प्रधानोंं, अध्यापकों की कॉपी सहित अन्य दस्तावेज बीकानेर व अजमेर भेजे हैं। आगे बीकानेर निदेशालय के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह परीक्षा धीरे-धीरे अन्य स्कूलों में भी लागू होगी।

इन स्कूलों में हुई परीक्षा
बारां ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल माथना, अंता ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल भोज्याखेड़ी, किशनगंज ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल असनावर में परीक्षा हुई। छीपाबड़ौद ब्लॉक के खेडला जांगीर, नाहरगढ़, केलवाड़ा, अटरू ब्लॉक के अर्डान्द व राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल छबड़ा के संस्था प्रधानों व अध्यापकों की परीक्षा हुई।

क्या है एसआईक्यूई पद्धति
एसआईक्यूई पद्धति कक्षा 1 से 5 वीं तक के छात्र-छात्राओं के लिए तैयार की है। इसके तहत मूल्यांकन कर बच्चों को कक्षा स्तर व कक्षा स्तर से नीचे दो भागों में बांटा गया है। इसके बाद 10 माह के कोर्स को ढाई-ढाई माह के चार भागों में बांटा जाता है। पांच माह बच्चों को पढ़ाने के बाद बच्चों के पुन: स्तर का पता किया जाता है। उसका स्तर कक्षा स्तर का है या फिर कक्षा स्तर से नीचे का है। इसी के अनुसार बच्चे को अध्ययन कराते हैं।

वर्जन
आठ स्कूलों के संस्था प्रधानों व अध्यापकों का एसआईक्यूई से संबंधित साक्षात्कार लिया गया। संस्था प्रधानों व अध्यापकों की कॉपी बीकानेर निदेशालय को भेज दी है।
रामप्रसाद बैरवा, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, रमसा, बारां

Published on: