उत्तर भारत में ठंड के प्रकोप से राहत के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। बीते 24 घंटे में उत्तर प्रदेश के 40 से अधिक जिलों, जिनमें बरेली भी शामिल है, शीतलहर की चपेट में रहे। सोमवार को बरेली का अधिकतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 7.1 डिग्री दर्ज किया गया।
बरेली। उत्तर भारत में ठंड के प्रकोप से राहत के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। बीते 24 घंटे में उत्तर प्रदेश के 40 से अधिक जिलों, जिनमें बरेली भी शामिल है, शीतलहर की चपेट में रहे। सोमवार को बरेली का अधिकतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 7.1 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। बरेली, अयोध्या, और आगरा मंडलों में तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम रहा।
शहर और आसपास के इलाकों में घने कोहरे की चादर ने जनजीवन प्रभावित किया। दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग कोहरे में भीगते देखे गए। वाहन चालकों को मुश्किलें हुईं क्योंकि घने कोहरे के कारण कुछ मीटर आगे भी दिखाई नहीं दे रहा था।
बरेली नगर निगम शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बावजूद शहर में अलाव जलाने की पर्याप्त व्यवस्था करने में असमर्थ साबित हुआ। गरीब और राहगीर राहत के लिए जगह-जगह अलाव की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन निगम द्वारा भेजी गई लकड़ियां गीली होने के कारण जल नहीं पा रही हैं। गीली लकड़ियां केवल धुआं दे रही हैं, जिससे कोई गर्माहट नहीं मिल रही। ठेकेदार को लगातार नोटिस दिए जाने के बावजूद हालात में सुधार नहीं हुआ है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में सुबह और शाम घना से हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है। अगले कुछ दिनों तक शुष्क मौसम के साथ शीतलहर जारी रहेगी।
10 से 12 जनवरी के बीच नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके चलते हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी और उत्तर-पश्चिम भारत में हल्की बारिश हो सकती है। इससे ठंड और बढ़ने की संभावना है।
बरेली के स्थानीय लोग नगर निगम की अनदेखी को लेकर नाराज हैं। अलाव की व्यवस्था न होने से गरीब और जरूरतमंद लोग ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। शीतलहर के बीच नगर निगम की लापरवाही ने समस्या को और गंभीर बना दिया है।