परीक्षा में इतने छात्रों के फेल होने के बाद प्रोफेसर भी हैरत में पड़ गए हैं।
बरेली। रुहेलखण्ड यूनिवर्सिटी द्वारा इस बार की परीक्षा में नकल रोकने के लिए किए गए इंतजाम के बाद बीएससी फाइनल ईयर में 61 फीसदी छात्र छात्राएं फेल हो गए।बमुशिकल 39 फीसदी छात्रों को ही सफलता मिली है।परीक्षा में इतने छात्रों के फेल होने के बाद प्रोफेसर भी हैरत में पड़ गए हैं। रिजल्ट खराब आने के कारण सिर्फ सख्ती ही नहीं बल्कि पढ़ाई पर सवाल उठने लगे हैं।
इस बार हुई सख्ती
इस बार की परीक्षाओं में युनिवर्सिटी प्रशासन ने नकल रोकने के लिए खास इंतजाम किए थे। परीक्षाओं में नकल न हो इसके लिए स्वकेंद्र व्यस्वथा समाप्त कर छात्रों को दूसरे केंद्रों पर परीक्षा दिलाई गई इसके साथ ही सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा सम्पन्न हुई और नकल रोकने के लिए उड़नदस्तों का गठन हुआ हुआ था। इस टीम ने परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए जमकर छापे मारी की थी जिसका असर यह हुआ कि परीक्षा में नकल नहीं हो पाई और जब रिजल्ट आया तो 61 प्रतिशत छात्र छात्राएं फेल हो गए।
पढ़ाई पर भी उठे सवाल
रिजल्ट खराब आने का सबसे बड़ा कारण परीक्षा में सख्ती को माना जा रहा है लेकिन रिजल्ट में 61 प्रतिशत छात्र फेल होने पर पढ़ाई पर भी सवाल उठने लगे है। यूनिवर्सिटी से जुड़े तमाम कॉलेजों में पढ़ाई व्यस्वथा चौपट है , प्रेक्टिकल के लिए प्रयोगशाला तक नही है ऐसे हालात में छात्र छात्राएं क्या सीखते होंगे। ऐसे में यूनिवर्सिटी को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि विज्ञान विषय को पढ़ाने वाले कालेजों में योग्य फैकेल्टी के साथ सभी संसाधन उपलब्ध हो जिससे छात्रों को अच्छी शिक्षा मिल सके।
गुरुनानक डिग्री कॉलेज का रिजल्ट रुका
यूनिवर्सिटी ने पहले ही साफ कर दिया था कि जिन कॉलेजो द्वारा प्रेक्टिकल के अंक यूनिवर्सिटी नही भेजे जाएंगे उनका रिजल्ट रोक दिया जाएगा।बिजनौर के गुरुनानक डिग्री कॉलेज ने प्रेक्टिकल के अंक यूनिवर्सिटी नही भेजे जिसकी वजह से इस कॉलेज का रिजल्ट रोक दिया गया है।