भोजीपुरा थाना क्षेत्र के पिपरिया गांव में शनिवार सुबह प्रशासन बुलडोजरों और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। ग्राम समाज की जमीन पर बनी करीब 300 वर्ग गज में फैली मस्जिद-ए-आला हजरत पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में यह कदम उठाया गया।
बरेली। भोजीपुरा थाना क्षेत्र के पिपरिया गांव में शनिवार सुबह प्रशासन बुलडोजरों और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। ग्राम समाज की जमीन पर बनी करीब 300 वर्ग गज में फैली मस्जिद-ए-आला हजरत पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में यह कदम उठाया गया।
सुबह होते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। दो बुलडोजरों की मदद से निर्माण को गिराने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा, जबकि प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखे थे।
प्रशासन का कहना है कि संबंधित पक्ष को कई बार नोटिस जारी किए गए थे और अतिक्रमण हटाने का मौका भी दिया गया था। लेकिन तय समय सीमा के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर चलाने का फैसला लिया।
ध्वस्तीकरण के दौरान पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात रहा। अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई शांतिपूर्वक जारी है।
जिला प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और ग्राम समाज की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने इलाके में हलचल जरूर पैदा कर दी है।