शहर में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद नगर निगम इन्हें काबू में करने में असफल साबित हो रहा है।
बरेली। शहर में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद नगर निगम इन्हें काबू में करने में असफल साबित हो रहा है। शुक्रवार को आलमगीरीगंज में बंदरों के झुंड ने भाजपा पार्षद मुकेश सिंघल की मां पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गईं। परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनके हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई।
आलमगीरीगंज के पार्षद मुकेश सिंघल की मां, ऊषा सिंघल, अपने घर की छत पर बैठी थीं। इसी दौरान बंदरों का झुंड अचानक वहां पहुंच गया और उन पर हमला कर दिया। हमले से बचने के प्रयास में वह भागने लगीं, लेकिन भागते वक्त फिसलकर गिर गईं। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
मुकेश सिंघल ने बताया कि एक्स-रे कराने पर पता चला कि उनकी मां के हाथ में फ्रैक्चर हो गया है। उन्होंने शिकायत की कि उनके इलाके में बंदरों का आतंक बहुत बढ़ गया है। बंदर झुंड बनाकर छतों और सड़कों पर घूमते रहते हैं। खासकर दोपहर के समय, जब बच्चे स्कूल से लौटते हैं, तो सड़कों पर जगह-जगह बंदरों का झुंड देखा जा सकता है।
पार्षद ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम से शिकायत की गई है, लेकिन बंदरों को पकड़ने के लिए कोई टीम लंबे समय से इलाके में नहीं आई है। इस वजह से बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।