रामगंगानगर आवासीय कॉलोनी में तीसरी मंजिल पर चल रहे कीटनाशक की दुकान का नियम विरुद्ध जारी लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। बहेड़ी निवासी विजय सिंह ने इस मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर की थी।
बरेली। रामगंगानगर आवासीय कॉलोनी में तीसरी मंजिल पर चल रहे कीटनाशक की दुकान का नियम विरुद्ध जारी लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। बहेड़ी निवासी विजय सिंह ने इस मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर की थी। शिकायत को गंभीर मानते हुए जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी ने मौके पर पहुंचकर सत्यापन किया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त कर दिया गया।
जिला कृषि रक्षा विभाग के बाबू ललित पटेल, जो वर्ष 2002 से विभाग में कार्यरत हैं, ने 26 फरवरी 2018 को रामगंगानगर योजना के सेक्टर-5, ब्लॉक-4, मकान नंबर-303 की तीसरी मंजिल के फ्लैट को दुकान दिखाकर कीटनाशक का लाइसेंस जारी कर दिया। लाइसेंस नंबर 3022 रिसर्च कम्यूनिकेशन नामक फर्म के नाम पर जारी हुआ था, जिसकी निदेशक किरण सिंह हैं।
सूत्रों का कहना है कि तत्कालीन जिला कृषि रक्षा अधिकारी अर्चना प्रकाश वर्मा ने मौके पर सत्यापन किए बिना ही बाबू ललित पटेल की सिफारिश पर लाइसेंस जारी कर दिया। इसी लाइसेंस के आधार पर बाबू और फर्म के लोग मिलकर सरकारी सब्सिडी वाले कीटनाशकों की कालाबाजारी कर रहे थे।
लाइसेंस में दुकान की चौहद्दी पूरब-पश्चिम में 30-30 मीटर चौड़ी दिखाई गई थी, जबकि मौके पर वह जगह एक फ्लैट निकली। जांच में यह भी पाया गया कि लाइसेंस में दर्शाए गए पते और वास्तविक स्थिति में भारी अंतर था। पिछले सात सालों से इस लाइसेंस के सहारे नगर निगम व नगर पंचायतों में अवैध सप्लाई करके किसानों के हक का कीटनाशक बाजार में बेचा जा रहा था।
फर्म मालिक किरण सिंह ने अपने घर की तीसरी मंजिल पर ही जहरीली कीटनाशक दवाओं का स्टॉक जमा कर रखा था। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई थी कि बरसात में ये दवाएं नमी के कारण रिसकर आसपास के घरों में फूड पॉयजनिंग, सांस, दमा और नेत्र रोग जैसी गंभीर समस्याएं फैला सकती थीं।
जब जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी मौके पर जांच करने पहुंचीं तो फर्म मालिक ने ई-मार्केटिंग का बहाना बनाकर लाइसेंस निरस्त न करने की गुहार लगाई। लेकिन अधिकारी ने किसी भी तर्क को मानने से इंकार कर दिया और तत्काल प्रभाव से लाइसेंस रद्द कर दिया।
सीडीओ देवयानी ने भी अनाधिकृत तरीके से जारी लाइसेंस को निरस्त करने का आदेश दिया था। आदेश के अनुपालन में जिला कृषि अधिकारी ने कार्रवाई पूरी कर दी